होली में 48 घंटे बिजली-पानी आपूर्ति का दावा
शांति सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने खींचा खाका
जनपद में दो दिन बंद रहेंगी मदिरा की दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अबकी बार होली महोत्सव के दौरान 48 घंटे विद्युत और पानी की निर्बाध आपूर्ति रहेगी। साथ ही शहर और कस्बों-गांव में साफ-सफाई का प्रबंध किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को होली के सुचारु और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विकास भवन सभागार में जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक की गई। डीएम डॉ राजशेखर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में एसपी, एडीएम, सीडीओ आदि अधिकारियों ने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक हिदायत दी। इस वर्ष होलिका दहन 20 मार्च और होली का त्योहार 21 मार्च को है। होली के दिन शहर क्षेत्र की उचित सफाई, 24 घंटे पानी और बिजली की आपूर्ति के माध्यम से सुगम, आरामदायक, और शांतिपूर्ण माहौल कायम रखने की व्यवस्था की गई है। सभी अस्पतालों को 20 और 21 मार्च को सभी आपातकालीन सेवाओं को बहाल रखने के लिए निर्देशित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए सभी 108, 102 और अस्पताल की एंबुलेंस तैयार रहेंगी। त्योहार में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, एनटी और एसओ/एसएचओ अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहने को कहा गया है। डीएम और एसपी ने सभी सीओ को डॉयल 100 वाहनों के उचित स्थान पर तैनात रखने के निर्देश दिए। खाद्य पदार्थों, मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों में मिलावट के मामलों में सख्त और प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सूचना संग्रह और कठोर कार्रवाई (गिरफ्तारी, एफआईआर और लाइसेंस निरस्तीकरण यदि हो) करने के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों की विशेष टीमें गठित की गईं हैं। जनता का बेहतर स्वास्थ्य सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है। त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए मदिरा की सभी दुकानें भी 20 और 21 मार्च को बंद रहेंगी। सभी एसडीएम, सीओ, एसएचओ और एसओ को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि कोई प्रतिबंधित और हानिकारक रासायनिक मिश्रित रंगों का उपयोग होली खेलने के लिए नहीं किया जाए जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जिला प्रशासन की तरफ से बस्ती जिले के सभी लोगों से आग्रह है कि वे हानिकारक रासायनिक मिश्रित रंगों की खरीदारी से बचें। उन्हें प्राकृतिक रंगों और गुलाल के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ कि अपनों को प्रेरित करना चाहिए ताकि उनका और उनके परिवार के सदस्यों व बच्चों का बेहतर हो सके।