बस्ती। शहर के अधिकतर सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं। दिनदहाड़े अधिवक्ता की हत्या, महिलाओं से छिनैती जैसी घटनाओं के बाद भी पुलिस की रुचि नहीं जागी। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की वास्तविकता की जांच की। जिसमें पांच में से चार सीसीटीवी खराब पाए गए।
कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर, कंपनीबाग, अस्पताल चौराहा एवं पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के दक्षिण दरवाजा और पांडेय बाजार पुलिस चौकी पर कुछ ही वर्ष पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मगर मंगलवार को केवल दक्षिण दरवाजा चौकी का ही सीसीटीवी कैमरा सही पाया गया। इसके अलावा सभी चौराहे के सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इस संबंध में जब एसपी पंकज कुमार से बात की गई तो उन्होंने तत्काल पूरा ब्योरा को तलब करने की बात कही। एसपी ने दावा है कि इसी हफ्ते शहर के सीसीटीवी कैमरे को सही करा दिया जाएगा।
वहीं इस संबंध में लोगों का कहना है कि शहर से लेकर तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों और प्रमुख बाजारों में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया था लेकिन इसका रखरखाव नहीं किया गया। कहीं कैमरों के डायरेक्शन बदल गए हैं तो कहीं तार टूटे हुए हैं। उन्हें ठीक करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में यदि कोई वारदात कर कैमरों के आगे से निकल जाए तो पुलिस फुटेज कहां से जुटाएगी।
...तो पकड़ा जाता शूटर
28 फरवरी को दीवानी कचहरी में अपराह्न 3.30 बजे अधिवक्ता जगनरायन यादव की शूटर ने 315 बोर के तमंचे से हत्या कर दी थी। भरी कचहरी में बमुश्किल 10-12 सेकेंड के भीतर शूटर कत्ल करके आराम से भाग गया। शास्त्री चौक, पीडब्ल्यूडी दफ्तर के अलावा सिविल बार एसोसिएशन के इर्दगिर्द कहीं भी सीसीटीवी कैमरे लगे होते हत्यारे का चेहरे कैमरे में कैद हो सकता था।