दिवाकर और सोनिया की नृत्य कला ने मनवाया लोहा
वैवाहिक, खादी व चिकन दस्तकारी का गवाह मना महोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बस्ती महोत्सव के दूसरे दिन रैंप सजा और फैशन शो में सौंदर्य उतरा तो सभी वाह-वाहकर उठे। इसी क्रम में एक्रोट्रायो में दिवाकर व सोनिया के कलात्मक नृत्य ने सभी को हतप्रभ कर दिया। देर रात कवि सम्मेलन की महफिल सजी तो महोत्सव में मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने को मजबूर हो गए।
दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों के बाद शाम को फैशन शो से एक बार फिर महोत्सव का मंच बोल उठा। सबसे पहले वैवाहिक परिधानों में युवक-युवतियों ने रैंप पर कैटवाक किया तो भारतीय वेशभूषा से अलग छटा बिखरी। इसके बाद गांधी की खादी को फैशन के रूप में कलाकारों ने सजाया। मंच पर भारतीय परिधान में पुरुष व महिलाओं ने कैटवाक किया। साज सज्जा व वेशभूषा की अगली कड़ी चिकन दस्तकारी की नजर आई। बेहद सलीके से युवतियां जब मंच पर आईं लोगों ने ताली बजाकर उनका अभिवादन किया। इन परिधानों के फैशन शो के बीच दिवाकर व सोनिया ने एक्रोट्रायो कला के माध्यम से वो रंग भी क्या रंग है... पर कलात्मक नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया। फैशन शो के दूसरे चरण के बाद फिर से इसी कलात्मक नृत्य का प्रदर्शन उक्त कलाकारों ने तीन सदस्यों के साथ मंच पर दिखाया। इस बार तुमको सितारों में ले चलूं... गीत पर शानदार अभियान की प्रस्तुति सुखद अनुभूति दे गई।
देर रात कवि सम्मेलन शुरू हुआ। देश के जाने वाले कवि पद्मश्री से सम्मानित कवि सुनील जोगी, दिनेश बावरा, सुमित ओरछा, डॉ. सुमन दूबे, विकास बौखल, गजेंद्र सोलंकी, हासिम फिरोजाबादी, अखिलेश द्विवेदी व वेद प्रकाश द्विवेदी की टीम ने कार्यक्रम का आगाज किया। मंच संभाला जोगी ने तो सरस्वती वंदना के लिए डॉ. सुमन दूबे को आवाज दी। ओज से लबरेज अपनी वाणी में जय हे वीणा वादिनी जय हे... से मां सरस्वती को पुकारा। इसके बाद मंच को विकास बौखल ने संभाला। कहा इस महंगाई में कन्हैया यदि आए कहीं... से कविता की शुरूआत की। एक के बाद एक रचनाओं से विकास ने महफिल को लोटपोट कर दिया। देर रात तक कवि सम्मेलन चलता रहा।
कार्यक्रम में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक अजय सिंह, आईजी आशुतोष कुमार, आयोजन समिति अध्यक्ष डीएम डॉ. राजशेखर डीआईजी/एसपी दिलीप कुमार, सीडीओ अरिवंद कुमार पांडेय, एडीएम रमेश चंद्र, सीआरओ आरडी पांडेय, एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ला, डीएसओ रमन मिश्र, पंकज शाही, राजेश मिश्र आदि मौजूद रहे।