भूख हड़ताल, ट्रेनों का संचालन बरकरार
मांगों के समर्थन में स्टेशन मास्टरों की हड़ताल
ड्यूटी, वेतन व पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल शुरू कर दिया। इस दौरान विरोध स्वरूप काला फीता बांध कर आंदोलनकारी स्टेशन मास्टरों ने ट्रेनों का संचालन जारी रखा।
जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर हितेश पांडेय, संतोष शर्मा ने बताया कि ड्यूटी के समय आठ घंटे करने, ग्रेड-पे संशोधित करने, सेफ्टी अथवा स्ट्रेस एलाउंस देने, स्टेशन मास्टर संवर्ग को राजपत्रित पद बनाने, एक्सीडेंट फ्री अवार्ड देने, पुरानी पेंशन दिए जाने, रिक्त पदों पर भर्ती करने, सेंट्रलाइज्ड पैनलों पर दो स्टेशन मास्टरों की तैनाती करने सहित 11 सूत्री मांगें लंबे समय से की जा रही हैं, जिस पर रेलवे प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
गौर प्रतिनिधि के अनुसार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी प्रभाकर पांडेय ने बताया कि रेल प्रशासन स्टेशन मास्टरों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज कर रहा है। इसके चलते देश के लगभग 35 हजार स्टेशन मास्टर अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे हैं। साथ ही रेल संचालन का काम भी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्हें जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रही हैं। गौर रेलवे स्टेशन मास्टर अवनींद्र मणि त्रिपाठी, मंगल सिंह मीणा, निरंजन प्रसाद यादव व स्टेशन अधीक्षक बभनान राघवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि वह लोग एसोसिएशन के दिशानिर्देश पर अपनी मांगों के समथन में आंदोलन कर रहे हैं। शिफ्ट वाइज ड्यूटी कर ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से करते रहेंगे।