विक्रमजोत/कुदरहा (बस्ती)। घाघरा के जलस्तर में सोमवार को 36 सेमी वृद्धि हुई है जबकि कटान पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। विक्रमजोत-लोलपुर बांध पर बनाए जा रहे स्पर के नोज धंसने और पिपरापांती में करीब 10 मीटर में बांध कटान से लोग दहशत में आ गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अध्योध्या कार्यालय के मुताबिक रविवार को जलस्तर 92.94 सेमी से बढ़कर सोमवार को 93.09 सेमी पर पहुंच गया जो खतरे के निशान 92.730 से 36 सेमी अधिक है। घाघरा में बाढ़ के चलते पानी बांध विहीन क्षेत्रों की तरफ भाग रहा है। जिससे करीब आधा दर्जन गांवों की फसलें प्रभावित हुई हैं। चिंताजनक स्थिति बांध विहीन गांव कल्याणपुर, भरथापुर और सहजौरा पाठक की है। भदोई और मुंडेरीपुर में चार करोड़ की लागत से बन रहे दो अर्धनिर्मित स्परों के नोज बह गए हैं। केशवपुर, रानीपुर, कठवनिया, भदोई, पडाव आदि एक दर्जन गांवों की खेती योग्य भूमि नदी में समा चुकी है।कुदरहा प्रतिनिधि के मुताबिक रामपुर तटबंध पर पिपरपाती के पास ठोकर नंबर 10 और 11 के बीच स्लोप पर कटान हुई है। विभाग ने रात में ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। सोमवार सुबह अधिशाषी अभियन्ता डीके त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और 24 घंटे दो जेई की तैनाती की है। कहा कि रात में जेनरेटर चला कर कटान पर नजर रखें।