पानी की शुद्धता जांचेंगी 6000 महिलाएं
हर ग्राम पंचायत में गठित होगी पांच सदस्यीय महिलाओं की कमेटी
जिले और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी करेंगे मॉनीटरिंग
पोर्टल के जरिए सीधे सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अब हर ग्राम पंचायतों में महिलाओं की पांच सदस्यीय कमेटी पेयजल के गुणवत्ता की जांच करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार जल निगम के जरिए गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराएगी।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अधिशासी निदेशक अखंड प्रताप सिंह ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को हर ग्राम पंचायतों में पांच-पांच सक्रिय महिलाओं की समिति बनाकर पूरी सूची तलब की है। यह समिति ग्राम पंचायतों में एफटीके और एचटूएस वायल के जरिए पानी के गुणवत्ता की जांच करेंगी और केंद्र सरकार के डब्ल्यूक्यूएमएस पोर्टल पर अपनी जांच रिपोर्ट भेजेगी। उसी के अनुसार शुद्ध पेयजल का इंतजाम किया जाएगा। बस्ती जलनिगम के अधिशासी अभियंता रेहान फारुकी ने बताया कि जिले में कुल 1185 ग्राम पंचायतें हैं, जिसके लिए कुल 5925 महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जिला पेयजल समिति की अध्यक्ष व जिलाधिकारी जिला मुख्यालय व ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती करेंगी और पूरे अभियान की विधिवत मॉनीटरिंग की जाएगी।
यह होंगी पांच सदस्यीय समिति की सदस्य
जल निगम के सहायक अभियंता वीनस चौधरी के अनुसार इस समिति में ग्राम पंचायत में तैनात एएनएम, आंगनबाड़ी, आशा, अध्यापिका, प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य अथवा सक्रिय महिलाओं को शामिल किया जाएगा। वहीं, ब्लॉक स्तर से पूरी सूचना जनपद स्तर पर तैनात सहायक नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। सहायक नोडल अधिकारी के रूप में सहायक अभियंता लघु सिंचाई और प्रयोगशाला प्रभारी जलनिगम की तैनाती की जाएगी। जो जिला नोडल अधिकारी के रूप में तैनात जिला विकास अधिकारी को अपनी रिपोर्ट पोर्टल के लिए उपलब्ध कराएंगे।