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Basti News: 550 करोड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट पर लगा दाग, ठगा महसूस कर रहे किसान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुंडेरवा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट 550 करोड़ की लागत से निर्मित मुंडेरवा चीनी मिल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद किसानों में कई आशंकाएं होने लगी हैं। क्षेत्र के किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उधर, कार्यदायी संस्था मेसर्स लिनिंग सिक्योरिटी सर्विस, पूर्व महाप्रबंधक, सीसीएम सहित कई अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगा है।
पुलिस ने हालांकि तहरीर के मुताबिक कंपनी की प्रोपराइटर के खिलाफ केस दर्ज किया है, लेकिन अन्य कई आरोपियों की इसमें मिलीभगत की बात पहले ही जांच में सामने आ चुकी है। बता दें कि वर्ष 2002 में बंद पड़ी मुंडेरवा चीनी मिल को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर हुए आंदोलन में तीन किसानों ने बलिदान दिया था।
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वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले बजट में 550 करोड़ रुपये से नई चीनी मिल के निर्माण की घोषणा की थी। डेढ़ वर्ष के भीतर वर्ष 2019 में यह मिल शुरू भी हो गई।
इसके बाद वर्ष 2021 में गन्ना क्षेत्र विस्तार की योजना के तहत राज्य चीनी निगम ने लिनिंग कंपनी को 160 गांवों में बीज, कीटनाशक वितरण, गन्ना बुवाई और ट्रेंच विधि से नालियों के निर्माण का कार्य सौंपा, लेकिन कंपनी और अधिकारियों की मिलीभगत से 160 की जगह 430 गांवों में फर्जी कार्यदर्शी रिपोर्ट लगाकर भुगतान दिखाया गया।
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इस पूरे प्रकरण की शिकायत भाकियू के प्रदेश सचिव एवं मुंडेरवा समिति के पूर्व चेयरमैन दिवान चंद्र पटेल ने तीन बार स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की। शिकायत पर कार्रवाई के बाद प्रमुख सचिव समय भूषण रेड्डी ने दो बार लखनऊ से जांच टीम भेजी। तीसरी जांच वित्त लेखाधिकारी निगम विवेक सिंह और जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार की टीम ने की, जिसमें करीब 12 करोड़ 29 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ। दिवान चंद्र पटेल ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी रुपेश कुमार मल्ल मिल में सीए का कार्य कर रहे हैं। वहीं, प्रधान प्रबंधक महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यदायी संस्था लिनिंग सिक्योरिटी सर्विस और कुछ अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रुपेश कुमार मल्ल के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वे लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
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