बच्चों के बेड पर भर्ती वयस्क मरीज।
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बस्ती। गर्मी की चपेट में आकर बच्चे बेहाल हैं। जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया है। यहां बेड से अधिक बच्चे भर्ती हैं। रविवार को 17 बच्चों के डिस्चार्ज किए जाने के बावजूद यहां 55 बच्चे भर्ती थे। जबकि बेड की संख्या 44 है।
गर्मी का प्रकोप बच्चों पर देखने को मिल रहा है। खान-पान में थोड़ी सी असावधानी होने से पेट दर्द, उल्टी-दस्त व बुखार जकड़ में आ रहे हैं। रविवार को चिल्ड्रेन वार्ड में पांच वर्ष से कम उम्र के बीमार बच्चे अधिक दिखे। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में सावधानी ही सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज है। बच्चों को तेज धूप से बचाकर रखें और खानपान में सतर्कता बरतें। जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकले। इस संबंध में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज का कहना है कि गर्मी की चपेट में आकर बच्चे बीमार हो रहें है। धूप और गर्मी से जहां एक ओर कमजोरी बढ़ती है, वहीं दूसरी ओर बीमार होने का खतरा भी उतना अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाएं, बाहर की चीजें न खाएं। यदि मजबूरी में बाहर जा रहे हैं तो बच्चे के सिर को पहले अच्छी तरह से ढकें। -------
- चिल्ड्रेन वार्ड में फैली है अव्यवस्था
बीमार बच्चों को जहां साफ-सफाई के साथ रखने की सलाह दी जाती है। वहीं जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में मरीज बच्चों के बेड पर ही खाना खाते दिख जाते हैं। ऐसे में उसकी साफ-सफाई व सेहत का जिम्मेदार कौन होगा यह सवाल खडा हो जाता है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में मरीजों से ज्यादा तीमारदारों की भीड़ रहती है। जिसके कारण वार्ड में अव्यवस्था फैली रहती है। वार्ड की नर्सों का कहना है कि इसकी वजह से बच्चों की देख-रेख में काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। मना करने के बावजूद भी लोग नही मानते हैं।