फिलहाल धान खरीद के लिए बनाए 52 केंद्र
बस्ती। जिले में धान खरीद के लिए भी प्रशासनिक रणनीति धीरे-धीरे परवान चढ़ने लगी है। पहले चरण में जिले में खाद्य विभाग, पीसीएफ, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई के 52 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रशासनिक सहमति मिल चुकी है। इसके अलावा खरीद एजेंसी पीसीयू व यूपीएसएस की सूची पर शासन की मुहर का इंतजार है। खरीद पहली नवंबर से 28 फरवरी तक चलने की उम्मीद है।
धान खरीद को लेकर प्रशासनिक अमला जिम्मेदार विभाग के साथ मिलकर ताना बाना बुनने लगा है। यूं तो अभी लक्ष्य निर्धारित नहीं है, मगर खरीद की रूपरेखा तय हो चुुकी है। खरीद के लिए चार एजेंसियों को क्रय केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं। पहली सूची में खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ 36, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई एक-एक केंद्र संचालित करेगी। यूं तो अभी पहली सूची जारी की गई है, मगर दूसरी सूची में क्रय केंद्रों के बढ़ने की उम्मीद है। क्योंकि पीसीयू व यूपीएसएस के केंद्रों का निर्धारण अब तक नहीं हो सका है। इसकी फाइल शासन स्तर पर लंबित है। यूं तो लक्ष्य शासन ने अभी निर्धारित नहीं किया है, मगर विभाग को उम्मीद है कि 70100 एमटी से अधिक का लक्ष्य तय होगा, क्योंकि यह लक्ष्य पिछले वर्ष धान खरीद में तय था। यह अलग बात है कि लक्ष्य की पूर्ति एजेंसियों ने नहीं की थी। और तो और जिले के 20 राइस मिलों को इस बार अनुबंधित किया जाएगा। इन मिलों पर कोई बकाया नहीं है। शासन की मंशा है कि जिन राइस मिलों पर सरकारी चावल का बकाया न हो उन्हें ही अनुबंधित किया जाए।
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रथम चरण में केंद्रों पर प्रशासन ने सहमति दे दी है। दूसरे चरण में कुछ और केंद्र बढ़ने की उम्मीद है। धान खरीद का लक्ष्य अभी शासन ने निर्धारित नहीं किया है। यह सितंबर के अंत तक तय हो जाएगा। क्योंकि पश्चिम उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर से ही खरीद शुरू हो जाएगी, जबकि पूर्वांचल में पहली नवंबर से खरीद की शुरूआत होगी।