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पुरानी पेंशन के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों की हुंकार

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बस्ती। पुरानी पेंशन नीति बहाली के लिए सोमवार को कर्मचारियों ने बीएसए दफ्तर से लेकर कलेक्ट्रेट तक हुंकार भरी। डीएम कार्यालय का घेराव कर गिरफ्तारी दी। जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
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कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले शास्त्री चौक पर पेंशन बहाल करो के नारे के साथ व्यापक आंदोलन का आगाज किया गया। अध्यक्षता मंच अध्यक्ष मस्तराम वर्मा ने किया। कहा कि प्रदेश सरकार ने दो महीने में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने का वायदा किया था लेकिन पूरा नहीं किया। ऐसे में मांगों को पूरा कराने के लिए छह फरवरी तक आंदोलन किए जाएंगे। 28 को बीएसए कार्यालय परिसर से मशाल जुलूस तथा छह फरवरी से महा हड़ताल पर जाने का संकल्प लिया गया है। मंच संयोजक चंद्रिका प्रसाद सिंह ने कहा कि सांसद, विधायक महज तीन वर्ष रहने पर पेंशन ले रहे जबकि हम लोगों को पेंशन विहीन कर दिया गया है। अब यह दोहरी व्यवस्था बर्दाश्त नहीं है। चेयरमैन तौलू प्रसाद, बाल कृष्ण ओझा ने चेतावनी दी कि सरकार वादे पूरे नहीं करती तो महा हड़ताल की जिम्मेदार होगी। प्रताप नरायण शुक्ल, राम अधार पाल, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति अध्यक्ष अरुणेश पाल, कोषागार संघ के अखिलेश पाठक, चतुर्थ श्रेणी संघ के रामसूरत यादव, लेखपाल संघ के अशोक मिश्र, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के इजहारूल हक अंसारी आदि ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी, शिक्षक हक पाने के लिए बड़े से बड़े आंदोलन को तैयार हैं। इस दौरान राजेश यादव, मनोज कुमार यादव, श्याम बिहारी यादव, अमर नाथ गौतम, अंबिका पांडेय, प्रमोद कुमार शुक्ल, संतोष कुमार राव, अजय आर्य, रामपूजन सिंह, रामचंदर यादव, राकेश कुमार, अजय प्रताप सिंह, ओंकार सिंह, श्रवण कुमार सिंह, संतोष मिश्र, शिवरतन, रितुराज आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ घेरेगा विकास भवन
बस्ती। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ व राज्य कर्मियों ने बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट तक पद यात्रा की। बैनर, आंदोलन की टोपी लगाए आंदोलनकारी कलेक्ट्रेट पहुंच गिरफ्तारी दी जिन्हें रिहा कर दिया गया। संयुक्त संचालन समिति अध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि पेंशन पाना कर्मचारी, शिक्षक का हक है। जब जन प्रतिनिधि पेंशन के हकदार हैं तो आखिर कर्मचारी क्यों नहीं। चेतावनी दी कि यदि केन्द्र और राज्य सरकार ने शीघ्र पुरानी पेंशन नीति बहाल नहीं की तो आर-पार के संघर्ष को बाध्य होंगे। कहा कि 24 को विकास भवन का घेराव होगा। 28 व 31 जनवरी तथा पांच फरवरी को जनपद के समस्त शिक्षक, कर्मचारी विद्यालयों, कार्यालयों में पूर्ण तालाबंदी कर गिरफ्तारी देंगे। कहा कि शिक्षक, राज्य कर्मचारी ऐसे दलाल कथित संगठनों से सावधान रहें जो लोग पेंशन आंदोलन को कमजोर करने के सरकार के षड़यंत्र में शामिल हैं। महासंघ जिलाध्यक्ष सुनील पाण्डेय, महामंत्री शिवशंकर, अरूणदेव शुक्ल, केके. तिवारी, अतुल पाण्डेय, तौआब अली, राम सहाय यादव, सोमईराम आजाद, शैल कुमार शुक्ल, राघवेन्द्र सिंह, अभय सिंह यादव, राजकुमार सिंह, अभिषेक उपाध्याय, प्रकाश चन्द्र शुक्ल, महेश कुमार, दिवाकर सिंह, सतीश शंकर शुक्ल, अशर्फीलाल, सन्तोष शुक्ल, नरेन्द्र पाण्डेय, मो. खालिद, कुसुमलता श्रीवास्तव, सरिता पाण्डेय, रीता शुक्ल, प्रेमलता सिंह आदि शामिल रहे।
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