मुंडेरवा शुगर मिल से एक यूनिट छिनी
मुंडेरवा (बस्ती)।
मुंडेरवा शुगर मिल में स्थापित की जाने वाली तीन यूनिटों में से एक डिस्टलरी यूनिट जमीन कम होने से गोरखपुर के पिपराईच में लगेगी। शुगर मिल का शिलान्यास अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होगा। शुगर मिल के साथ ही यहां डिस्टलरी और पॉवर प्लांट लगाने की भी योजना थी।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर मुंडेरवा में वर्षों से बंद पड़ी शुगर मिल को फिर से चलाने की घोषणा संकल्प पत्र में की गई थी। प्रदेश में सरकार बनते ही अपने पहले बजट में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए 270 करोड़ की राशि आवंटित कर दी। मिल के दोबारा से शुरू होने पर रोजगार आदि को लेकर आसपास के किसानों, व्यापारियों और नौजवानों में एक नई उम्मीद बंध गई है। 44 एकड़ भूमि पर लगने वाली फैक्टरी में तीन यूनिट जिसमें 3500 टीसीडी (टन, केन,परडे) क्षमता की शुगर मिल, 30 लीटर क्षमता की डिस्टिलरी (आसवनी) प्लांट और 15 मेगावाट क्षमता का पॉवर प्लांट लगना था।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अब यहां सिर्फ दो यूनिट शुगर मिल और पॉवर प्लांट ही लगेंगे। नेशनल कॉर्पोरेटिव कंसल्टेंट के सर्वे में तीनों यूनिट लगाने के लिहाज से जमीन कम होने की रिपोर्ट दी गई है। तीनों यूनिटों के लिए कम से कम 44 एकड़ सीधी जमीन होनी चाहिए। जो जमीन नई शुगर मिल के लिए अधिग्रहीत की गई है वह वक्राकार और पट्टी में है। अधिकारी ने शर्त पर बताया कि डिस्टिलरी के लिए रॉ मैटेरियल (सिर्फ 30 लीटर) और जमीन भी कम होने के कारण यह यूनिट पिपराईच की नई शुगर मिल को जाएगी। वहीं, पर मुंडेरवा शुगर मिल का रॉ मैटेरियल भेज दिया जाएगा। पिपराईच में 60 लीटर क्षमता की यूनिट लगेगी। बताया कि 15 मेगा पॉवर प्लांट के लिए हाईटेंशन लाइन के लिए बस्ती और नाथ नगर उपकेंद्र से बात हुई परंतु वहां क्षमता पूरी होने के कारण मेंहदावल उपकेंद्र से जोड़कर बिजली का वितरण किया जाएगा। फैक्टरी सहित पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी। मुंडेरवा सुगर मिल का शिलान्यास अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होगा। उम्मीद है कि 2018 की अंतिम तिमाही तक मिल चालू हो जाएगी।