पहले सवाल उठे, अब दे दी क्लीनचिट
बस्ती।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद उपकरण आपूर्तिकर्ता पुष्पा सेल्स की जांच शुरू हो गई। जिले के दो अस्पतालों में इस कंपनी ने उपकरण लगाए हैं। लखनऊ में फाइल तलब की गई। जांच में सब ओके मिला।
जिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली के पीआईसीयू में पुष्पा सेल्स ने अत्याधुनिक बेड के अलावा वेंटीलेटर व रेग्यूलेटर की आपूर्ति दी है। इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी से अनुबंधित है। गोरखपुर में हुई घटना के बाद कार्य प्रणाली को लेकर उठे सवालों पर जांच हुई। इसके तहत शासन ने फाइल तलब की। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो दो माह पूर्व तकनीक दिक्कत आने के बाद सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कंपनी को सख्त पत्र लिखकर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। इसके बाद कंपनी के तकनीकी स्टाफ ने सभी मशीनों को व्यवस्थित कर दिया। कंपनी स्वास्थ्य विभाग से प्रमाण पत्र की मांग की। मगर बगैर जांच प्रमाण पत्र देने में स्वास्थ्य महकमा ने आनाकानी की। ओपेक चिकित्सालय में लगाए गए आरओ में तकनीकी दिक्कत को कंपनी ने दूर नहीं किया। जिस पर सीएमओ ने जब कंपनी से बात की तो पता चला कि अनुबंध में आरओ का कार्टेज बदलना नहीं है, जिस पर वार्ता के बाद उसे कैली प्रशासन ने कंपनी के तकनीकी स्टाफ के सहयोग से बदल दिया।
सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि पुष्पा सेल्स की फाइल तलब जरूर की गई थी, मगर अपने जिले में उसने कार्य पूरा कर दिया था। वर्करों का अनुबंध भी पिछले माह में रिन्यूवल हो गया है। फाइल की जांच हो चुकी है। सब कुछ ओेके पाया गया है। चूंकि पूरे प्रदेश में इसी कंपनी का ठेका है। ऐसे में अन्य जिलों के कार्य की भी जांच शासन स्तर से हो रही है।