चौकड़ी टोल प्रबंधकों को 45 करोड़ वसूली का नोटिस
विक्रमजोत (बस्ती)। चौकड़ी टोल प्लाजा के अनुबंध में करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी का मामला प्रकाश में आया है। मामले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा के निर्देश पर तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप ने 45 करोड़ 11 लाख 68 हजार रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया है। रकम जमा कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है।
तहसीलदार चंद्रभूषण ने बताया कि टोल प्लाजा के पहले अनुबंधकर्ता मथुरादास दागने को दो करोड़ 11 लाख 68 हजार तथा दूसरे अनुबंधकर्ता गुरदास रामचंदानी को 43 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस भेजा गया है। अनुबंध में स्टांप चोरी का मामला पूर्व एआईजी स्टांप अशोक कुमार तिवारी ने पकड़ा था। जांच में पाया गया कि टोल टैक्स वसूली के लिए एनएचएआई ने शिव कारपोरेशन नामक जिस फर्म से अनुबंध किया था उसने उप निबंधन कार्यालय में टोल वसूली का पंजीकरण ही नहीं कराया था। यानी फर्म ने दो फीसदी की दर से लगने वाला स्टांप शुल्क जमा नहीं किया। अनुबंध में वर्ष 2012-13 में 52 करोड़ 90 लाख रुपये पथकर वसूली का अधिकार दिया गया था।
डीजीसी शब्बीर अहमद ने बताया कि भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत फर्म को दो फीसदी की दर से कुल एक करोड़ पांच लाख 84 हजार रुपये स्टांप शुल्क अदा करना था, लेकिन उसने सौ रुपये के स्टांप पर अनुबंध कर लिया। इस तरह फर्म ने अनुबंध में सरकार को एक करोड़ पांच लाख 84 हजार रुपये की क्षति पहुंचाई। इस मामले में एआईजी स्टांप की ओर से कलेक्टर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था। न्यायालय ने अर्थ दंड लगाने का आदेश पारित किया है।
स्टांप शुल्क व ब्याज के 64 करोड़ रुपये के बकाए के मामले में जिला प्रशासन बड़ेवन टोल प्लाजा के आधे हिस्से को पहले से सील कर चुका है। अपर जिला अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि एसएमएस टोल प्राइवेट लिमिटेड इंडिया पर कुल 43 करोड़ का स्टांप शुल्क बकाया है। एसबीआई पुरानी बस्ती में कंपनी के संचालित दो खाते भी सीज किए जा चुके हैं। कंपनी पर ब्याज सहित कुल 64 करोड़ रुपये की देनदारी है।