बस्ती। जिला योजना में विकास के लिए शासन ने 43078 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दे दी है। यह धन पिछले वर्ष की तुलना में 21.80 करोड़ अधिक है। जिले के सभी विकास विभागों में संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार परिव्यय का प्राविधान किया गया है। सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जिला योजना की बैठक ली।
बैठक में विभिन्न विभागों व मदों के लिए निर्धारित अनुमानित व्ययों की रूपरेखा पर विभागवार व मदवार मंत्री ने समीक्षा की। इसमें केंद्र पुरोनिधानित योजनाओं के संरचना के लिए केंद्रांश की धनराशि की पूर्ण व्यवस्था की गई है। बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 में जनपद के विकास के लिए निर्धारित परिव्यय में कृषि विभाग को 24 लाख, गन्ना विकास के लिए 487.37 लाख, एसएमएफपी (लघु सीमांत कृषकों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए सहायता) के लिए 1500 लाख, पशुपालन के विकास पर 375.56 लाख, वन विभाग पर 252.18 लाख, रोजगार कार्यक्रम/मनरेगा हेतु 11939.910 लाख, पंचायती राज 900 लाख, सड़क एवं पुल के लिए 4389.87 लाख प्राथमिक शिक्षा पर 650 लाख, माध्यमिक शिक्षा पर 904.99 लाख, एलोपैथिक विकास के लिए 1205 लाख, परिवार कल्याण के लिए 3411.26 लाख, ग्रामीण पेयजल/ग्राम्य विकास को 863 लाख, ग्रामीण स्वच्छता को 4402.15 लाख, ग्रामीण आवास को 7503.40 लाख, समाज कल्याण के लिए 305.06 लाख, विकलांग कल्याण 111 लाख, महिला कल्याण के लिए 1070.04 लाख खर्च के अनुमानित परिव्यय का प्राविधान किया गया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को गंभीर है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही एवं अनावश्यक देरी पर संबंधित अधिकारी नप जाएंगे। प्रभारी मंत्री ने क्रियान्वित योजनाओं में गुणवत्ता के फीडबैक बीडीसी एवं ग्राम पंचायत स्तर से लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सिंह ने कहा कि जिले के विकास में पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी। पौधरोपण में अनियमितता की शिकायत पर मंत्री ने वन विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधों की जांच के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद हरीश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा पवन कसौधन, विधायक सदर दयाराम चौधरी, विधायक रूधौली संजय प्रताप जायसवाल, विधायक हर्रैया अजय सिंह, विधायक महादेवा रवि सोनकर, डीएम सुशील कुमार मौर्या, सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय, प्रतिनिधि विधान परिषद सदस्य हरीश सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आरएस पांडेय, परियोजना निदेशक आरपी सिंह सहित तमाम जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।