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नदी में समा सकता है प्राथमिक विद्यालय

Thu, 30 Aug 2018 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
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दुबौलिया क्षेत्र में बंधे पर काम करते मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
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विक्रमजोत। सरयू नदी का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान से 46 सेमी. ऊपर बहर रही थी। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते जलस्तर फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं नदी की कटान के चलते कल्याणपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर के अस्तित्व पर संकट के बाद मंडराने लगे हैं। हालांकि संकट से निपटने के लिए बाढ़ खंड ने काम करना शुरु कर दिया है। बृहस्पतिवार से बोरे में ईट के रोड़े भर कर कटर बनाए जा रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग ने अप स्ट्रीम में नदी का जलस्तर घटने बढ़ने के चलते अयोध्या में भी सरयू नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में बांध विहीन बाढ़ प्रभावित गांव के रास्ते से पानी अभी हटा ही था कि फिर से पानी भरने के संकेत ने गांव वालों को परेशानी बढ़ा दी है। कल्याणपुर के ग्रामप्रधान संजय यादव ने बताया कि नदी प्रतिदिन कटान कर रही है। दो दिनों में किसानों की लगभग एक एकड़ उपजाऊ धारा में समा गई है। क्षेत्र के 27 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिनमें पांच गांव कल्याणपुर, भरथापुर, लकड़ी दूबे, पड़ाव, रानीपुर कठवनिया में पानी घुस गया है। 22 गांव लमती, केशवपुर, रामनगर, बाघानाला, भदोई, फूलडीह, चानपुर, संदलपुर, कवलपुर, छतौना, कन्हईपुर, खेमराजपुर, पूरेचेतन, पकड़ी सूर्यवंश, माझा किता अव्वल, मरणामाझा, मल्हनी, मुनियावां, जोगापुर, रिधौरा, माचा, हैदराबाद आदि गांवों के खेतों में पानी पहुंच गया है। अब लोगों को आबादी में पानी घुसने का डर सताने लगा है।
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सरयू नदी से कटान का खतरा बरकरार
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर घटने लगा है। लेकिन माझा क्षेत्र में पानी से घिरे गांव के लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। नदी की तेज धारा से कटान का खतरा बरकरार है।
केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 46 सेंटीमीटर ऊपर यानी 93.190 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। लगातार कई दिनों से जारी कटरिया-चांदपुर तटबंध पर नदी की कटान बुधवार शाम से नहीं हो रही है। ऐसे में बाढ़खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। लेकिन तटबंध व ठोकरों पर पानी का दबाव बहुत तेजी से बना हुआ है। बृहस्पतिवार दोपहर तेज बारिश के चलते मरम्मत कार्य में बाधा भी पहुंची है। करीब एक महीने से पानी से घिरे सुबिखा बाबू, खजांचीपुर व टेड़वा आदि गांवों के लोग बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं। ऐसे में यहां के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव के बच्चे करीब साढ़े तीन किलोमीटर नाव से चलकर तटबंध पर पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार सुबह किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध के निकट हल्की कटान हुई। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के पास बने स्पर व ठोकरों पर काफी दबाव नदी का है। यहां मरम्मत कार्य चल रहा है। जलस्तर घटने से टकटवा रिंगबाध पर दबाव कम हुआ है। जबकि पानी से घिरे गांव विशुनदासपुर का पुरवा, अशोकपुर के तीन पुरवे, पहियामाफी और पूरेमोतीराम आदि गांवों से पानी उतरने लगा है।
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