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सम्पूर्ण समाधान दिवस
अभियान चलाकर निपटाएंगे पुराने पट्टों के मुद्दे
कमिश्नर, डीआईजी भानपुर, रुधौली में एसपी, डीएम रहे मौजूद
बार-बार की जा रही शिकायतों की मौके पर सुनवाई की नसीहत
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर/बस्ती। शासन के महत्वाकांक्षी सम्पूर्ण समाधान दिवस में इस बार निस्तारण के आंकड़ों पर सर्वाधिक जोर रहा। कमिश्नर अलका टंडन भटनागर और डीआईजी आशुतोष कुमार ने भानपुर और डीएम डॉ. राजशेखर एवं एसपी दिलीप कुमार ने रुधौली तहसील में मौजूद रहकर समस्याओं और आवेदनों का निस्तारण किया।
कमिश्नर ने निर्देशित किया कि यदि कोई आवेदक समस्या लेकर बार-बार आ रहा है तो उसके मामले को मौके पर जाकर ही निस्तारित किए जाएं। डीआईजी ने कहा कि ऐसे मामलों में कई बार सही तथ्य सामने न आने के कारण उचित निस्तारण नहीं होता लेकिन मौके पर संबंधित के बारे में कुछ भी छिपा नहीं रहता है। मुख्य राजस्व अधिकारी रामदुलारे पांडेय की अध्यक्षता में 52 में से मात्र तीन का निस्तारण हो सका। धवाय निवासी राम बहादुर त्रिपाठी ने तैनात सफाई कर्मी के काम न करने गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगने का मुद्दा उठाया। इसकी जांच बीडीओ को सौंपी गई। एसडीएम राजेश सिंह, तहसीलदार नवीन प्रसाद, बीडीओ रामनगर हरिश्चन्द्र, सीडीपीओ दिलीप कुमार वर्मा सहित सभी तहसीलस्तरीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। रुधौली में डीएम की मौजूदगी में सर्वाधिक शिकायतें राशन कार्ड, राशन वितरण, पट्टा भूमि के मुद्दे, पेंशन संबंधी मामलों की रही। जिसे लेकर डीएम ने डीएसओ को साप्ताहिक आधार पर लंबित आवेदन डाउनलोड कर एक महीने के भीतर बिना किसी भेदभाव के पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान सभी एसडीएम, तहसीलदार से एक अभियान चलाकर पुराने पट्टे के नियमितकरण से संबंधित लंबित मुद्दों का 15 सितंबर तक निस्तारण करने को निर्देशित किया। ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। निस्तारण आंकड़ा सौ प्रतिशत देखकर डीएम ने सभी अधिकारियों को गुणवत्ता जांचने के लिए आवेदक या शिकायतकर्ता से मोबाइल पर क्रॉस चेक करने का निर्देश दिया। इस मौके पर सीएमओ डॉ. जेएल कुशवाहा, पीडी डीआरडीए, एसडीएम आदि मौजूद रहे।
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पौने तीन घंटे की देरी से पहुंचे डीएम
रुधौली। तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजशेखर को करनी थी लेकिन अपने ही कार्यक्रम में पौने तीन घंटे की देरी से पहुंचे। हालांकि, उनकी सवा घंटे की उपस्थिति के दौरान लगभग 30 मामले आए, जिसमें पांच का निस्तारण हो पाया। डीएम के फरियाद सुनने की जानकारी पर मंगलवार को लोग सुबह 10 बजे पहुंचे। हालांकि, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी अमनदीप डुली मामलों की सुनवाई करते रहे। 12:45 बजे तक 18 मामले आए थे। डीएम के पहुंचते ही शिकायत करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। थोड़ी ही देर में कुल 48 मामले सामने आए। इनमें से पांच का ही निस्तारण हो पाया। तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार, सीओ शिव प्रताप सिंह, बीडीओ रामरेखा सरोज, सहित अन्य विभागों के जिम्मेदार मौजूद रहे।