अपनी गर्दन बचाने में जुटे अफसर
सही बात कौन बोल रहा, मजदूर या जिम्मेदार
घायल मजदूर बोले, आज खुलनी थी शटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। फुटहिया पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिरने के मामले में जिम्मेदार अपनी गर्दन बचाने में जुटे हैं। ओवरब्रिज का जो हिस्सा शटरिंग पर खड़ा था उसे शनिवार को हटाया जाना था, यह कहना है घायल मजदूरों का। जबकि केएमसी के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष वैश्य इससे इतर घटना की वजह भारी वाहन से शटरिंग लूज होना बता रहे हैं।
वाराणसी में ओवरब्रिज गिरने की घटना के बाद सरकार ने इतनी सख्ती की मगर इसका प्रभाव जिम्मेदार अफसरों पर नहीं पड़ा। इसका नतीजा शनिवार को सुबह फुटहिया पर सामने आया। एनएच 28 पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का वह हिस्सा जमींदोज हो गया जो लंबे समय से शटरिंग पर खड़ा था। इस दुर्घटना में हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ, मगर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए सांसद हरीश द्विवेदी ने मंत्रालय व संबंधित मंत्री को पत्र लिखा है।
घायल मजदूर सुरेश राय का कहना है कि पहले से ही यह तय था कि शनिवार को शटरिंग हटाई जाएगी। इसके लिए सुबह मजदूरों को भी बुलाया गया था। घटना से पहले उनके सहित तीन मजदूर पहुंचे और शटरिंग हटाने लगे। तभी फ्लाईओवर अचानक बैठ गया और उसकी जद में वह तीनों मजदूर आ गए। प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान सही है अथवा मजदूरों की बात, यह जांच का विषय है। हालांकि प्रोजेक्ट मैनेजर की ही बात मान ली जाए तो ट्रक की टक्कर से शटरिंग हटने पर फ्लाईओवर का गिर जाना इस ओर संकेत देता है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं कोई खोट जरूर है।