आंकड़े नहीं कार्य की गुणवत्ता दिखाएं अफसर : कमिश्नर
समेकित बाल संरक्षण कार्यशाला में चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। समेकित बाल संरक्षण योजना एवं किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 के तहत शनिवार को अभिमुखीकरण कार्यक्रम पर कार्यशाला हुई। कमिश्नर ने कहा कि अधिकारी आंकड़े नहीं कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान दें।
आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त अलका टंडन भटनागर ने कहा कि बच्चों एवं समाज के संरक्षण के लिए अनेक अधिनियम हैं। इसमें समेकित बाल संरक्षण योजना एवं किशोर न्याय अधिनियम-2015 महत्वपूर्ण है। महिलाओं एंव बच्चों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं पर खुद कार्य किया है। सरकार एवं समाज का दायित्व है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए समन्वित होकर बेहतर कार्य करें। संतकबीर नगर डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने कहा कि कार्यशाला का बच्चों के संरक्षण एवं विकास के लिए ज्यादा प्रभाव पडे़गा। राष्ट्रीय जनसहयोग एवं राष्ट्रीय जनसंस्थान (निप्पसीड) के सहायक निदेशक जे सिंह ने अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं जैसे बालकों की शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार, संरक्षण आदि पर प्रकाश डाला। बस्ती के प्रभारी एडीएम आरडी पाण्डेय ने कहा कि अधिनियम के मुताबिक ही जिले में कार्य किया जा रहा है। सीडीओ संतकबीर नगर हाकिम सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं को और बेहतर ढंग से लागू करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान भारत सरकार तथा सिविल सोसायटी सहभागिता की ओर से किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ ही सभी जिला विकास अधिकारी, बाल विकास अधिकारी, किशोर न्याय से जुड़े प्रतिनिधियों एवं राजस्व विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों/प्रतिनिधियों ने भाग लिया।