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बांध सुरक्षा में लापरवाही, भड़के सीआरओ

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बांध की सुरक्षा में लापरवाही पर भड़के सीआरओ
पिपरपाती में दो मीटर कटान में बह गया था बांध
ठोकर मरम्मत के लिए बोरियों में भरी मिली मिट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
कुदरहा।
बांध की सुरक्षा में लापरवाही देखकर सीआरओ (मुख्य राजस्व अधिकारी) शुक्रवार को खासे खफा हुए। ठोकरों की सुरक्षा बालू भरी बोरियों से न करके मिट्टी भरकर की जा रही थी। उन्होंने बोरियों में बालू भरने का निर्देश दिया।
पिपरपाती गांव के पास पिछले सप्ताह घाघरा नदी की कटान से क्षतिग्रस्त तटबंध पर शुक्रवार को दिन भर अधिकारियों का जमावड़ा रहा। सुबह अधिशाषी अभियंता तो देर शाम मुख्य राजस्व अधिकारी और एसडीएम पहुंच गए। घाघरा नदी से 15 जुलाई को तटबंध के करीब 50 मीटर लंबाई में जबरदस्त कटान हुई। इससे दो मीटर से अधिक चौड़ाई में बांध नदी में समा गया। मरम्मत का कार्य विभाग करा रहा लेकिन बंधे की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्य धीमा है। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता डीके त्रिपाठी और सहायक अभियंता एसएन सिंह ने कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। दोपहर बाद करीब तीन बजे मुख्य राजस्व अधिकारी आरडी पांडेय, एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती, तहसीलदार एके रस्तोगी ने अब तक हुए कार्यों का निरीक्षण किया। बालू की जगह मिट्टी भरा मिलने पर जेई पीके पांडेय ने किल्लत का हवाला दिया तथा पत्थर और मिट्टी पानी में फैलने से रोकने के लिए बोरियों की जरूरत बताई। काम के तौर-तरीकों पर भी वह नाराज दिखे।
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तीन नंबर ठोकर का नोज धंसा
दुबौलिया। घाघरा के जलस्तर में कमी आने से कटान रुक गई है। चांदपुर के पास स्पर नंबर तीन का नोज बैठ रहा है। जबकि पारा के पास नदी कटान नहीं कर रही है। ग्रामीणों की मानें तो विभाग की तरफ से मजदूर नहीं लगे। जो स्पर को मजबूत कर सके। भिऊरा और चांदपुर के पास अधिकारी जरूर बंधे की निगरानी कर रहे थे। बीडी बांध की सुरक्षा अब भी खतरे में है। क्योंकि बारिश शुरू होते ही नदी कटान शुरू कर देती है। बोल्डर को बंधे पर लगाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इसी तरह नदी में दोबारा कटान शुरू होगी तो बांध कट सकता है। धरमूपुर मुस्तहकम के प्रधान शोभाराम राजभर ने बताया कि कटान रुक गई है। स्पर पर मजदूर्र इंट में बोरा लगा रहे थे।
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एक स्पर नदी में समाया
विक्रमजोत। भरथापुर गांव के स्पर का एक बड़ा हिस्सा शुक्रवार को धारा में समा गया। अब तीन स्परों की जगह दो स्पर बचे होने से घाघरा की धारा से खतरा ज्यादा बढ़ गया है। पुराने स्परों पर काम कर रहे मजदूर खेती के सीजन के चलते काम पर नहीं आ रहे हैं। कल्याणपुर प्राथमिक स्कूल भवन के पास बचाव का काम कर रहे मजदूर भी राहत सामग्री के अभाव के चलते दूसरे स्थानों पर भेज दिए गए हैं। इससे ठोकरों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। ठोकर कटने की सूचना पर तहसीलदार नवीन कुमार गांव पहुंचे और ठेकेदार तथा जेई से काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के मुताबिक घाघरा का जलस्तर शाम पांच बजे 92.230 मिमी पर रहा।
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