कंजूसी में कटेगी 409 होमगार्डों की ड्यूटी
बस्ती। खजाना खाली होना बताकर जिले के 1460 होमगार्ड जवानों की ड्यूटी कटौती की गई है। महीने में 25 की जगह 15 दिन की ड्यूटी मिलने का आदेश होते ही मायूसी छा गई। मंगलवार को शासन से जारी आदेश में नीति के तहत अब सिर्फ 1051 गार्ड की ड्यूटी बची है। पहले से चल रही 1460 में से 409 ड्यूटी कम करनी पड़ेगी। दैनिक आधार पर पारिश्रमिक पाकर परिवार पाल रहे होमगार्ड जवानों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जिले में विभागवार आवंटन के हिसाब से सिपाही के बराबर तादाद में होमगार्ड कानून-व्यवस्था से लेकर जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसमें 120 गार्ड जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, 70 मंडलायुक्त कार्यालय के अलावा 35-40 गार्ड कोतवाली, इतने ही पुरानी बस्ती, 25 कारागार, 10 अग्निशमन विभाग में ड्यूटी करते रहे। प्रदेश में होमगार्ड के कुल स्वीकृत पद एक लाख 18 हजार हैं। इसमें से खाली पदों की संख्या 19 हजार है। अब तक शेष 99 हजार में से 92 हजार होमगार्ड को महीने में कम से कम 25 दिन की ड्यूटी दी जा रही थी, लेकिन होमगार्ड के लिए बजट न होने के कारण पुलिस महकमे में लिए गए 25 हजार होमगार्ड की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। आईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि बजट की वजह से ड्यूटी घटानी पड़ रही है।
ताकि न बढ़ने पाए कमाई
विभागीय अनुशासन की वजह से पहचान छिपाने की शर्त पर होमगार्ड संगठन के पदाधिकारियों में आक्रोश है। कहा जा रहा है कि सिपाही के बराबर भुगतान देने के न्यायालय के आदेश का पालन तो कर दिया गया, लेकिन अपनी तरफ से होमगार्ड की कमाई पर कैंची चला दी गई। अब उसे महीने में सिर्फ 15 दिन ड्यूटी मिलेगी, जिससे उसका पारिश्रमिक पहले की तरह ही रह जाएगा।
20 की जगह सिर्फ 12 हजार
पुलिस के सिपाही के बराबर होमगार्ड को वेतन देने के न्यायालय के निर्देश के बाद प्रदेश में होमगार्ड का एक दिन का भत्ता 500 रुपये से बढ़कर 672 रुपये कर दिया गया। इसमें अन्य भत्तों को मिलाकर 822 रुपये प्रतिदिन उसे मिलते थे। यानी 25 दिन ड्यूटी करने वाले को 20550 रुपये मिलते थे। अब यह रकम घटकर 12 हजार 330 रुपये ही रह जाएगी।