फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में छिन गया कांग्रेसियों का हाथ, ढूंढने लखनऊ पहुंचे

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में ‘बंधा’ कांग्रेसियों का हाथ, ढूंढने लखनऊ पहुंचे
विज्ञापन

राष्ट्रीय जनाधिकार पार्टी के हिस्से में गई बस्ती लोकसभा सीट
तैयारी में जुटे कार्यकर्ताओं में गुस्सा, पदाधिकारियों में चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गठबंधन की सीटों का एलान होते ही सालभर से बूथस्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे पदाधिकारियों की जमीन खिसक गई है। आलाकमान के राजनीतिक समझौते के तहत बस्ती लोकसभा क्षेत्र राष्ट्रीय जनाधिकार पार्टी के हिस्से में जाते ही लोग लखनऊ पहुंचकर डेरा डाल दिए हैं। पदाधिकारियों को बगावत का डर सता रहा है।
लोकसभा चुनाव-2019 के लिए राजनीति उठापटक अब कांग्रेस में भी शुरू हो रही है। सपा-बसपा महागठबंधन में बस्ती मंडल से सपा के सफाए के बाद विरोध में लोगों ने इस्तीफा दे दिया। कई शांत होकर बैठ गए लेकिन कांग्रेस के हाथ से बस्ती सीट जाने पर स्थानीय पदाधिकारियों में खलबली मच गई है। लगातार बूथ मैनेजमेंट की रणनीति पर मेहनत कर रहे कांग्रेस पदाधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। कार्यकर्ताओं में नाराजगी व्याप्त हो गई। ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों के भी तोते उड़ गए। कई ने बताया कि जब पार्टी ही नहीं तो स्थानीय संभावित प्रत्याशियों के साथ जुड़ना मजबूरी है। आलाकमान ने जो भी फैसला लिया कम से कम जिला पदाधिकारियों से उनका मत लिया जाना चाहिए था।
विज्ञापन

इस बाबत लखनऊ में डेरा डाले जिला उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी ने कहा कि जिले की वस्तु स्थिति की रिपोर्ट पूर्वांचल प्रभारी व महासचिव प्रियंका गांधी को दे दी गई है। बस्ती से कांग्रेस का ही प्रत्याशी मांगा गया है। नेतृत्व को साफ बताया गया कि प्रत्याशी नहीं उतारे जाने पर पार्टी को भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अन्य जिला से अधिक तैयारी बस्ती में हुई है। ऐसे में जनाधिकार पार्टी के प्रत्याशी को लोकसभा सीट देना आत्महत्या जैसा ही है। जिला उपाध्यक्ष ने फोन पर बताया कि प्रियंका जी ने कुछ करने का भरोसा दिलाया है। यदि प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर से बात नहीं बनी तो हम लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने दिल्ली चले जाएंगे।
विज्ञापन


नाराजगी है लेकिन मनाएंगे : जिला अध्यक्ष
लोकसभा सीट जनाधिकार पार्टी के खाते में जाने के बाबत जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप नरायण पांडेय का कहना है कि हम सभी स्तब्ध हैं। साल भर से हमारी तैयारी चल रही थी। अपना प्रत्याशी नहीं उतारे जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है लेकिन आला कमान का निर्णय शिरोधार्य है। पार्टी कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास शुरू किया गया है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें