कार्य बहिष्कार कर सरकार पर गरजे कर्मचारी
केंद्रीय श्रम संगठनों, राज्य कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों, राज्य कर्मचारी संगठनों की पूर्व घोषित दो दिवसीय कार्य बहिष्कार मंगलवार से शुरू हुआ। रैली, जुलूस व धरना देकर कर्मचारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर नाराजगी जताई। कर्मचारी, श्रमिक विरोधी करार दिया।
17 सूत्री मांगों के समर्थन में केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों, राज्य कर्मचारी संगठनों के लोगों ने जीआईसी परिसर से जुलूस निकाला जो गांधीनगर होते हुए कलेक्ट्रेट में सभा में तब्दील हो गया। सीटू नेता केके तिवारी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें यदि दो दिन की हड़ताल पर भी न मानीं तो अगले चरण में व्यापक संघर्ष होगा। एटक नेता अशर्फी लाल ने कहा कि श्रम कानूनों से मजदूर विरोधी संशोधन वापस लिया जाए, विद्युत अधि बिल 2018 वापस लेने के साथ पुरानी पेंशन नीति बहाली, आउटसोर्सिंग के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन 18000 रुपये किया जाए। जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल संरक्षक नरेंद्र देव मिश्र, केके श्रीवास्तव, जलालुद्दीन कुरैशी, ई. विशाल वर्मा समेत कई संगठनों के नेेताओं ने संबोधित किया। इससे पहले कर्मचारी संगठनों के लोग बीएसए, विद्युत निगम, बीएसएनएल आदि कार्यालयों से जुलूस के रूप में जीआईसी पहुंच नारेबाजी की। उप्र. मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश उपाध्याय, महामंत्री रंजीत श्रीवास्तव भी बस्ती शाखा के करीब 200 लोगों के साथ रैली में हिस्सा लिया।
राज्य कर्मचारी महासंघ के लोग भी आम हड़ताल में शामिल होकर कार्य बहिष्कार कर नारेेबाजी की। विकास भवन, आईटीआई, सेवा योजना, विद्युत निगम, जिला चिकित्सालय, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण, कृषि विभाग, उद्यान विभाग आदि संगठनों की प्रांतीय खंड लोनिवि कार्यालय परिसर में सभा की। पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग कर प्रदर्शन किया। महासंघ के जिला अध्यक्ष कौशल किशोर उपाध्याय, महामंत्री गिरीशचंद्र ने सभा को संबोधित किया। कहा कि सरकार अब भी नहीं चेती तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान दीनानाथ मिश्र, चंद्रदेव पांडेय, बाबूराम चौधरी, सतीश चंद्र चौबे, बृजेश श्रीवास्तव, बृजेश पाठक समेत तमाम संगठनों के लोग मौजूद रहे। निबंधन कार्यालय के कर्मचारी भी हड़ताल के समर्थन में रहे। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की ओर से कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर एडीएम के माध्यम से ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। जिला अध्यक्ष फूलमती चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी के साथ छल किया है। घोषणापत्र का वायदा निभाया नहीं ऊपर से समझौते का पालन भी नहीं किया। कुदरहा ब्लॉक में काम बंद, कलम बंद हड़ताल में सभी कार्यकर्ताओं ने मानदेय न बढ़ाने व प्रधानमंत्री के वादे से मुकरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ब्लॉक अध्यक्ष सरला चौधरी ने कहा कि पीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में 1500 रुपये दीपावली तक खाते में पहुंचने की बात कही थी। मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है। यशोदा देवी, मंशा मिश्रा, प्रेमलता, गुड़िया, पुष्पा, रेखा आदि शामिल रहीं। साऊंघाट में ब्लॉक अध्यक्ष उर्मिला शुक्ला के नेतृत्व में सीडीपीओ कार्यालय पर दो दिवसीय धरना देकर मानदेय भुगतान व अन्य मांगों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। सरिता, सुनीता, उर्मिला हेमलता, मीरा, पुष्पा, गुड़िया, प्रभावती देवी, किरण, दुर्गावती, पुष्पावती, मंजू आदि शामिल रहीं। सल्टौआ में आंगनबाड़ी कर्मियों का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष सरोज शुक्ला ने किया। नीलम शुक्ला, कल्पना, सावित्री देवी, कुसुम देवी, शशिकला, माया, सुभावती आदि शामिल रहीं। भानपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व ब्लॉक संघ की अध्यक्ष सुनीता सिंह ने किया। इस मौके पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।