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आयुष्मान भारत:नाम बड़े और दर्शन छोटे

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स्वास्थ्य मंत्री ने सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन किया
बोले, पिछली सरकारों ने कैली पर ध्यान नहीं दिया, प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा होगी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है, इसी के तहत ओपेक चिकित्सालय कैली में 3.50 करोड़ लागत से सीटी स्कैन मशीन लगाई गई। जरूरतमंदों को सीटी स्कैन कराने के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा, यह सेवा निशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
बुधवार को ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना का हाल जाना। इसके बाद उन्होंने सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन किया। मंत्री ने कहा कि बस्ती के लोगों की यह जरूरत थी। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व जब मैं जिले का प्रभारी मंत्री बना था तब कैली का निरीक्षण किया था, इसकी स्थिति जर्जर थी और पिछली सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। कहा कि सरकार एक पॉलिसी के तहत कार्य कर रही है। इसके तहत बस्ती सहित प्रदेश के सभी जनपदों के सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन स्थापित कराई जाएगी। मंत्री ने कैली के सीएमएस एससी श्रीवास्तव की लिखी पुस्तक इंडस स्क्रीप का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल, हर्रैया विधायक अजय सिंह, महादेवा विधायक रवि सोनकर, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, एडी हेल्थ डॉ रंगजी द्विवेदी, सीएमओ डॉ जेएलएम कुशवाहा, सीओ सिटी आलोक सिंह, डॉ मुरलीधर सिंह आदि मौजूद रहे।
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18 साल का हर व्यक्ति मतदाता हो: सिद्धार्थ नाथ सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
परशुरामपुर। ब्लॉक मुख्यालय के ब्लॉक संसाधन केंद्र में मतदाता जागरूकता एवं पुनर्निरीक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमें मतदाता का अहम योगदान है। कहा कि मतदाता ही देश की दिशा और दशा तय करता है। इसलिए 18 वर्ष से ऊपर के सभी युवक-युवतियां चुनाव में शामिल होकर स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण करें। मंत्री ने कहा कि इसके लिए बूथ स्तर पर चलाए जा रहे कार्यक्रम में शामिल होकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं। यह सिर्फ मतदान ही नहीं समस्त संवैधानिक अधिकारों का आधार भी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद एडीएम रमेश चंद्र ने मतदाता सूची संशोधन की तिथियों की क्रमवार जानकारी दी। एडीएम ने बताया कि अभियान छह, सात व 14 व 28 अक्टूबर को बूथ स्तर पर चलेगा। इसमें बूथ स्तर पर ही फार्म छह भरकर नए मतदाता अपना आवेदन कर सकते हैं। जिन मतदाताओं के नाम में त्रुटियां हैं, उसके लिए फार्म सात भरकर अपने मतदाता पहचान पत्र में संशोधन करा सकते हैं। कहा कि फार्म आठ के जरिए उन मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी जो संबंधित गांव से अब नहीं हैं । बताया कि पहली जनवरी 2019 को 18 वर्ष आयु पूरी करने वाले सभी युवक और युवतियां मतदाता परिचय पत्र के लिए आवेदन जरूर करें, ताकि चार जनवरी 2019 की तिथि तक मतदाताओं की त्रुटिहीन व संपूर्ण सूची सार्वजनिक की जा सके। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष पवन कसौधन और सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने सभी को मतदाता पुनर्निरीक्षण व मतदाता के महत्व के बारे बताया। इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी शिव शंकर सिंह, बीडीओ परशुरामपुर जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।


आयुष्मान भारत : नाम बड़े और दर्शन छोटे
आईडी-पासवर्ड बिना बेकार पड़े सिस्टम
10 अस्पतालों को क्रियान्वयन का किया गया है करार
नोडल एजेंसी के संपर्क में सीएमओ, अस्पतालों को घुड़की
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केंद्र और प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरुआत में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। जमीनी स्तर पर तीन सरकारी और सात निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध कर तो दिया लेकिन गोल्डन कार्ड जारी कर इलाज शुरू करने में ज्यादातर फिसड्डी हैं।
डीएम ने इसे कड़ाई से लिया तो सीएमओ आईडी और पासवर्ड का हवाला देते रहे। सिस्टम जेनरेट न होने के पीछे तकनीकी दलील देकर पल्ला झाड़ते रहे। बताया कि जिले में योजना के तहत उपचार का पहला मरीज संतकबीर आई हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती है, जिसका गोल्डन कार्ड जारी करके आंख का इलाज चल रहा है। इसके अलावा प्रगति अभी सामने आना बाकी है। डीएम डॉक्टर राजशेखर ने बताया कि पीएम जन आरोग्य योजना की जमीनी हकीकत जानने दो दिन पहले जिला महिला अस्पताल और श्री कृष्णा मिशन अस्पताल का दौरा किया था। इसमें यह समस्या सामने आई थी।

सब कुछ उपलब्ध पर इलाज ठप
जिला महिला चिकित्सालय (महिला जिला अस्पताल) में स्थापित पीएम जन आरोग्य केंद्र है, जहां कंप्यूटर, इंटरनेट, स्कैनर, प्रिंटर और जन जागरूकता सामग्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। समन्वय के लिए इसमें एक आरोग्य मित्र भी तैनात है। अब तक सिर्फ 14 लाभार्थियों ने संपर्क किया। जिनके गोल्डन कार्ड जारी तो हुए। लेकिन सिस्टम रन कराने के लिए जरूरी आईडी और पासवर्ड की अनुपलब्धता के कारण उपचार नहीं शुरू हो सका। श्रीकृष्ण मिशन अस्पताल में भी बुनियादी सूचना प्रणाली (बीआईएस) का आईडी और पासवर्ड न होने से न तो गोल्डन कार्ड जारी हुआ न ही उपचार शुरू हुआ।

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प्रमुख सचिव ने महिला, कैली अस्पताल का निरीक्षण किया
ओपीडी में देखे हालात, डॉक्टरों से भी की बातचीत
गोल्डन कार्ड वितरण की स्थिति पर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं हाल जानने प्रमुख सचिव अवस्थापना एमपी अग्रवाल बुधवार को बस्ती पहुंचे। जिला महिला चिकित्सालय में सबसे पहले प्रमुख सचिव ने ओपीडी का हाल जाना, जिसके बाद वह सीधे आयुष्मान भारत योजना कक्ष में पहुंचे, जहां उन्होंने कितने लोगों को गोल्डन कार्ड मिला, इसकी जानकारी ली, जिन्हें बताया गया कि 28 लोगों को गोल्डन कार्ड मिला है, जिसपर उन्होंने कहा कि इतनी कम संख्या कैसे है, इसे बढ़ाया जाए।
साथ ही निर्देश दिए कि जो पात्र हैं, उनकी सूची अस्पताल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। प्रमुख सचिव ने महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड, ओटी सहित वार्डों का निरीक्षण किया। यहां से निकले के बाद प्रमुख सचिव ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज व निरीक्षण भवन का हाल जाना, जिसके बाद वे सीधे ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंच गए, यहां भी उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को अधिक से अधिक लाभ दिए जाने के बात कही। एडी हेल्थ डॅा रंगजी द्विवेदी से पूछा कि जिले में अब तक कितने लोगों को गोल्डन कार्ड मिल गया है, तथा इस योजना के तहत लाभान्वित हुए हैं, इसपर उन्हें बताया कि किया 51 लोगों को गोल्डन कार्ड मिल गया है, जिसपर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जातते हुए कहा कि जब जिले में 1 लाख 61 हजार लोग पात्र हैं तो इतनी कम संख्या क्यों, इसपर उन्हें बताया गया कि एक महीने के भीतर सभी को कवर कर लिया जाएगा। प्रमुख सचिव ने निर्देेश दिए कि सभी सीएचसी व जिन अस्पतालों का चयन हुआ है, उनपर पात्रों के नाम चस्पा किए जाएं। इस दौरान एसआईसी डॉ. एके सिंह, एसीएमओ डॉ सीएल कनौजिया, एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ला, डॉ पीके श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


प्रमुख सचिव ने जाना साऊंघाट का हाल
पॉलिटेक्निक-गौरा मार्ग की जर्जर स्थिति पर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकचंद। प्रदेश के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने बुुुधवार को साऊंघाट ब्लॉक के हालात जांचे। यहां जाते समय पॉलिटेक्निक चौराहे से गौरा मार्ग की जर्जर स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण में सब कुछ सामान्य पाए जाने पर उन्होंने संतोष जताया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 बजे मुख्यालय पर प्रमुख सचिव पहुंचे। यहां उन्होंने बीडीओ कार्यालय, सभागार, आवासीय स्टोर रूम कर्मचारी सेवा पुस्तिका का निरीक्षण किया। मनरेगा मे चल रहे कार्यों पर बीडीओ अरविंद कुमार श्रीवास्तव से जानकारी ली। जमदाशाही व ओड़वारा ग्राम पंचायत का मस्टरोल निकलवा कर जांचा। प्रमुख सचिव ने मनरेगा, एमआईएस की भी जांच की। बीडीओ ने चल रहे कार्यों का विवरण बताया। कहा 87 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 41 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य चल रहा है। लेखा संवर्ग कर्मचारियों की समीक्षा की। यहां सिर्फ एक बाबू के सहारे कार्य चल रहा है। बताया गया कि 165 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हैं जिसमें छह पूर्ण हो चुके हैं। शेष को प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने अतिशीघ्र सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किए जाने के निर्देेेश दिए। बताया गया कि 185 के सापेक्ष 112 ओडीएफ हो चुका है। उन्होंने सेवा पुस्तिका व जीपीएस पुस्तिका का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने पॉलिटेक्निक चौराहा से गौरा मार्ग के संबंध में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी से पूछताछ की, जिसमें बताया गया कि जिला पंचायत स्तर से इस रोड का निर्माण होना है। इस पर सचिव ने बताया कि जिला पंचायत में इतना धन नहीं आता, ऐसे में पीडब्लूडी ही इसका निर्माण कराए। इस मौके पर डीपीआरओ शिव शंकर सिंह, एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल, डीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, जिला संख्या अधिकारी आरएस पांडेय, महेंद्र पांडेय, एडीओ पंचायत सहाबुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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इंटेलीजेंस के हवाले बिचौलियों का मुद्दा
तीसरी आंख से होगी अस्पताल के बिचौलियों की पहचान
12-15 महिला बिचौलियों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी
मरीजों को गुमराह करते हैं निजी अस्पताल, पैथालॉजी नेबिचौलिए
निरीक्षण के दौरान फीडबैक मिलने पर प्रशासन ने की सख्ती
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था पर हावी बिचौलियों के दिन लदने वाले हैं। महिला अस्पताल से उनके उन्मूलन का सिलसिला शुरू हो चुका है। जहां तीसरी आंख यानी सीसी कैमरों के जरिए उनकी पहचान करने का आदेश जारी हुआ है। अस्पताल में 10-15 महिला बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने लोकल इंटेलीजेंस तैनात कर दिया है। डीएम डॉ. राजशेखर ने एलआईयू यानी लोकल इंटेलीजेंस यूनिट के इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी दी है। कहा है कि वह आम-आवाम के लिए समस्या पैदा कर रही महिला बिचौलियों को चिह्नित करें, ताकि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। परिसर के अलावा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाने का आदेश दिया है। उन्हें चिह्नित कर पकड़ने के लिए सिविल ड्रेस में पांच-छह महिला कांस्टेबल व होमगार्ड तैनात करने का भी आदेश दिया है। संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित निजी अस्पताल, पैथोलॉजी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तीन दिन पहले अस्पताल में पहुंचे डीएम को कुछ महिलाओं ने बिचौलियों की समस्या के बारे में शिकायत की। डीएम के अनुसार 10-15 अपरिचित महिला रोगियों और तीमारदारों ने बताया कि वे निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैथोलॉजी में ले जाने का दबाव बनाती हैं। कई ने यहां तक बताया कि अपने फायदे के लिए कुछ निजी अस्पताल वालों ने बिचौलिया लगा रखा है। उन बिचौलियों को टोकने पर अस्पताल कर्मचारियों से भिड़ जाते हैं। डीएम ने बताया कि इसे संज्ञान लेकर कार्रवाई की जा रही है।
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