सरयू नदी में उफान थमा, कटान जारी
24 घंटे में 15 सेंटीमीटर कम हुआ जलस्तर, पंडितपुरवा के सामने बेस और स्पर कटा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। अब सरयू नदी घटते क्रम में भी मुसीबत पैदा कर रही है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटकर 92.880 मीटर पर आ गया है लेकिन बाढ़ के पानी से नम हुई जमीन को सरयू की तेज धारा अपने में मिला रही है।
जिले के अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर में जैसे जैसे सरयू का जलस्तर घट रहा है, नदी तेज कटान कर रही है। खलवा गांव के पंडित पुरवा के सामने सरयू के तेज बहाव के कारण 70 मीटर लंबाई में बांध का बेस व तटबंध का स्पर कट कर नदी की धारा में बह गया। बाढ़ खंड के मजदूर बोल्डर व रोड़ा डालकर कटान को काबू में किए। शनिवार को माझा इलाके में सरयू नदी का कहर जारी रहा। किसानों की खेती योग्य भूमि धारा में समाहित होती रही। दिलासपुरा व टकटवा गांव के बीच नदी तेजी से कटान कर रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दबाव बढ़ा है। खलवा गांव के पास नवनिर्मित ठोकरों तथा उसके पास खाली जमीन को नदी तेजी से काट रही है। ठोकरों और तटबंध पर कई जगहों पर बाढ़ खंड सैकड़ों मजदूरों के साथ लगाकर मरम्मत का कार्य करवा रहा है।
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हाईवे से 150 मीटर दूर है सरयू नदी
खतरे के निशान से अभी भी 15 सेमी. ऊपर है नदी
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर कम तो रहा है लेकिन कटान पर कोई फर्क नहीं है। सरयू नदी का बहाव फोरलेन से महज 150 मीटर ही दूर है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक शनिवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। इलाके में बाढ़ का पानी अभी भी रुका हुआ है। केशवपुर से लेकर छतौना मांझा तक करीब आधा दर्जन गांवों में कटान भी चल रहा है। शुक्रवार को केशवपुर गांव में हुई कटान से सरयू नदी व हाईवे की दूरी महज 150 मीटर बची है। यदि इसी तरह से यहां कटान होती रही तो नदी जल्द ही हाईवे से सट कर सरयू बहने लगेगी। बाघानाला के पास कटान शनिवार को जारी है। भरथापुर गांव के अस्तित्व पर संकट अभी छंटा नहीं है। इससे ग्रामीण सहमे हैं। कटान के चलते रास्ता कट ही गया अब घरों की चिंता लोगों को सता रही है। शुक्रवार शाम कटान से भरथापुर में बाग का एक हिस्सा नदी में समा गया। कल्यानपुर में प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर पर नदी का दबाव बना हुआ है। संदलपुर व छतौना मांझा में लगातार कृषि भूमि को नदी बहा रही है। केशवपुर के शैलेंद्र कुमार मिश्र, जगदम्बा, राज कुमार, धवन सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि नदी दिन-प्रतिदिन गांव और हाईवे की ओर बढ़ चली है। प्रशासन व बाढ़ खण्ड की लापरवाही के चलते हम ग्रामीणों पर बन आई है।