अश्लील हरकत के आरोपी को चार वर्ष की सजा
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एडीजे प्रथम मदन लाल निगम ने अश्लील हरकत के आरोपी को दोषी करार दिया है। इस मामले में आरोपी को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
विशेष अभियोजक पॉक्सो आरएस द्विवेदी ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि एक गांव की पीड़िता के पिता ने सोनहा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 16 वर्षीय बेटी व बहू 16 सितंबर 2013 को रात में नित्य क्रिया के लिए गांव के बाहर जा रही थीं। रास्ते में मूड़वरा निवासी रामजीत मिला और बेटी से छेड़खानी करने लगा। बहू ने इसका प्रतिरोध किया तो आरोपी ने बहू पर हमला बोल दिया। पेट पर लात मारी, जिससे गर्भवती बहू को रक्तस्राव होने लगा और पीड़िता को खींचने लगा, जिससे उसके वस्त्र फट गए। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़िता के बयान के आधार पर पॉक्सो व एससीएसटी का आरोप पत्र पुलिस ने कोर्ट में दाखिल किया। पीड़िता के बयान के आधार पर कोर्ट ने दुष्कर्म के प्रयास का भी आरोप तय किया। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर कोर्ट ने रामजीत को सजा सुनाई। जबकि रेप व पॉक्सो के आरोप से उसे बरी कर दिया।
ठगी के आरोपी की जमानत खारिज
नौकरी दिलाने के नाम पर हड़पे 11.78 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशील पाठक ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी व छल से 11.78 लाख ठगी करने व फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी देने के मामले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शासकीय अधिवक्ता जयगोविंद सिंह व अधिवक्ता रवि शरण सिंह ने कोर्ट में जमानत का विरोध किया।
अधिवक्ताओं ने बताया कि अखिलेश प्रताप सिंह निवासी पूरा पैकोलिया के प्रार्थना पत्र पर 22 मार्च 2018 रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें कहा गया कि गौर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन लोहिया नगर बभनान बाजार के हरिशंकर प्रसाद गुप्ता ने अखिलेश व उनकी पत्नी को बाल विकास विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख रुपये मांगे थे। अखिलेश उनके झांसे में आ गया और नकदी व चेक व खाते के जरिए विभिन्न तिथियों में 11.78 लाख रुपये हरिशंकर को दिए। जब नियुक्ति पत्र की बात करते तो वह टाल-मटोल करने लगता था। इसी बात को लेकर अखिलेश अपने साथ चंद्रभूषण व सुरेंद्र सिंह लेकर हरिशंकर के आवास पर गए, जहां रुपये वापस करने की बात की, जिस पर हरिशंकर व उसकी पत्नी ने फर्जी मुकदमा में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी। प्रकरण के गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने हरिशंकर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इसी क्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने रुधौली थाना क्षेत्र के मल्हवार निवासी शब्बो खातून व समीउन्निशा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इन पर रहीसुन्निशा ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 24 जून 2018 को शाम पांच बजे जामुन बीनने के विवाद को लेकर उसकी विवाहिता पुत्री तरीकुन्निशा जिसके पेट में आठ माह का बच्चा था, को मार दिया, जिससे बच्चा गर्भ में ही मर गया।