बस्ती के कंपनी बाग में सुबह सवा नौ बजे धुंध छाई रही।
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बस्ती। शीतलहर के कारण पारा लगातार लुढ़क रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान पांच और अधिकतम 14 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ठंड के मारे बच्चे घरों से नहीं निकले। वहीं पछुआ हवाओं की रफ्तार 14 किलोमीटर प्रति घंटे रही। पिछले तीन दिनों से धुंध के चलते सूर्य देव के दर्शन नहीं हो रहे हैं। पहली जनवरी से पछुआ हवाओं पारा गिरने लगा। संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. आरके तोमर का कहना है कि मौसम में फिलहाल अगले 24 घंटे में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। अधिकतम तापमान गिरने और 13-14 किलोमीटर प्रतिघंटे रफ्तार से पछुआ हवा चलने से गलन बढ़ी है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह के अनुसार पाला न पड़े तो यह मौसम काफी मुफीद है। पाला पड़ने से आलू और दलहनी फसलों को नुकसान होगा। ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों पर है। गांधीनगर में मजदूर अड्डे पर नाम मात्र के लोग मिल रहे हैं। कप्तानगंज क्षेत्र से आए राजू का कहना था कि पेट का सवाल है नहीं तो निकलेगा कौन। मकान बनाने का ठेका लेने वाले रमेश तिवारी बताते हैँ कि मजदूरों के नहीं आने से दो दिन काम बंद रखना पड़ा। इस समय आवास विकास में ठेका चल रहा है। 10 लेबर की जगह चार लोग ही आ रहे हैँ। इसी तरह इंदिरानगर की साइट पर पांच लोग लगे थे लेकिन शुक्रवार को एक भी नहीं आए।