बस्ती। प्रदेश के सबसे बड़े ग्राम पंचायत गनेशपुर में ग्राम पंचायत सेक्रेट्री शैलेंद्र त्रिपाठी को प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी से 30 हजार रुपये लेने के आरोप में निलंबित होने के बाद 18 सेक्रेट्रियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया गया है। इनमें 12 विकास और छह पंचायत विभाग के सेक्रेट्री शामिल है। तबादले की यह कार्रवाई ट्रेनिंग पर जाने से पहले आईएएस अधिकारी एवं प्रभारी बीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने किया। इस कार्रवाई से सेक्रेट्रियों में खलबली मची हुई है।
जिन विकास विभाग के सेक्रेटरियों को नये हल्के दिए गए हैं, उनमें राकेश कुमार पांडेय को न्याय पंचायत गनेशपुर एवं भैसहिया सात गांव, अरिमर्दन प्रताप मणि को महसो एवं जोगिया न्याय पंचायत के 12 गांव, राकेश कुमार श्रीवास्तव को मरवटिया बाबू एवं गनेशपुर न्याय पंचायत के सात गांव, जगनरायण चौधरी को श्रीपालपुर न्याय पंचायत के तीन गांव, कुमार जय को न्याय गनेशपुर का एक गांव बंधुआ, विदेंश्वरी श्रीवास्तव को न्याय पंचायत जिगिना के जामडीह व मनहनडीह गांव, माधुरी देवी को मड़वानगर न्याय पंचायत के हवेलीखास गांव, मंजूबाला त्रिपाठी को भैंसहिया न्याय पंचायत के दुधौरा व मिश्रौलिया, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को भैंसहिया व महसों न्याय पंचायत के आठ गांव, अमरनाथ गौतम को जोगिया, महसों व रामपुर न्याय पंचायत के 10 गांव, धु्रवचंद्र चौधरी को गनेशपुर व महरीपुर के छह गांव, सेराज अहमद को जिगिना व रामपुर न्याय पंचायत का आठ गांव, पूनम शर्मा को मरवटिया बाबू का मरवटिया बाबू, चौबाह एवं सोनूपार गांव दिया गया। इस तरह पंचायत विभाग के ग्राम पंचायत अधिकारी रामप्रकाश सिंह को महरीपुर व श्रीपालपुर न्याय पंचायत के नौ गांव, अरूणेशपाल को मड़वानगर व महरीपुर के छह गांव, राजेश कुमार पांडेय को रामपुर व जिगिना न्याय पंचायत का आठ गांव, विनोद कुमार यादव को महरीपुर व भैसंहिया न्याय पंचायत का कुसमौर, बेलाड़ी एवं कृष्णा भगौती गांव और मनोज कुमार मिश्र को मड़वानगर व जिगिना का आठ गांव का चार्ज दिया गया है। इन सभी को पूर्व के सेक्रेटरी से शीघ्र ही अभिलेख प्राप्त कार्य शुरू करें, ताकि जन समस्याओं को कोई कठिनाई न हो।