आयुक्त सभागार में मंगलवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की अध्यक्षता जिला योजना समिति की बैठक हुई, जिसमें चार अरब आठ करोड़ 98 लाख रुपये की परियोजनाओं पर मोहर लगाई गई। यह योजना वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए बनाई गई है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मै भ्रष्टाचार से किसी भी प्रकार से समझौता नही करता, जनप्रतिनिधि एवं सरकारी अधिकारी दोनों में तालमेल होना बहुत जरूरी है तथा दोनों ही विकास के दाएं एवं बाएं हाथ है। जब दोनों हाथ मिलेंगे तभी विकास की ताली बजेगी। उन्होंने विकास कार्यक्रमों को तेज करने, स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग /साफ-सफाई करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए जिला पंचायत अधिकारी को 15 दिन का समय दिया।
स्थानीय अवश्यकताओं को देखते हुए बनाई गई विशाल जिला योजना के तहत कुल परिव्यय 40898 लाख के सापेक्ष कृषि, उद्यान, गन्ना, पशुपालन, मत्स्य पालन, दुग्ध विकास एवं वन विभाग के लिए1194.58 लाख , प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा हेतु 905.49 लाख, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य हेतु 4452 लाख, ग्रामीण एवं नगरीय पेयजल हेतु 950.95 लाख , रोजगार एंव आजीविका (मनरेगा एवं एनआरएलएम) हेतु 11827.07 लाख, इंद्रिरा आवास, लोहिया आवास एवं पूल्ड आवास के लिए 8295.53 लाख, सिचाई हेतु रू0 298.80 लाख, सड़क निर्माण हेतु रू0 3366.17 लाख, ग्रामीण स्वच्छता हेतु 5358.90 लाख, अतिरिक्त उर्जा स्रोत हेतु 70 लाख तथा पर्यटन विकास के लिए 20 लाख के परिव्यय का अनुमोदन किया गया।
बैठक में अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ी जाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, सामान्य जाति कल्याण, समाज कल्याण, विकलांग कल्याण एवं महिला एवं बाल कल्याण के लिए 2329.12 लाख तथा सेवायोजन एवं शिल्पकार प्रशिक्षण हेतु 60 लाख का अनुमोदन हुआ। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि अधिकारी भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर तत्काल उसकी जांच कर कार्रवाई करें। इस मौके पर विधायक दयाराम चौधरी, चन्द्र प्रकाश शुक्ला, संजय प्रताप जायसवाल, अजय सिंह, डीएम अरविन्द कुमार सिंह, सीडीओ हर्षिता माथुर एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।