फाइलेरिया : नाइट ब्लड सर्वे में लिए तीन हजार नमूने
बस्ती। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग नाइट ब्लड सर्वे अभियान चला रहा है। प्रशिक्षित टीमें घर जाकर देर रात में लोगों के खून का नमूना एकत्रित कर रही हैं। अभियान में नगरीय क्षेत्र के दो मोहल्लों सहित छह ब्लॉकों के एक-एक गांव को चयनित किया गया है।
प्रत्येक चिह्नित क्षेत्रों से 500 ब्लड स्लाइड बनाई जाएगी। अभी तक तीन हजार से ज्यादा लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी जांच होगी। पॉजिटिव निकलने वाली सभी स्लाइड व निगेटिव वाली स्लाइड में से 10 प्रतिशत को जांच के लिए जवाहर भवन स्थित एडी मलेरिया कार्यालय स्थित अत्याधुनिक लैब में भेजा जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी ने बताया कि शहर के तुरकहिया व पुरानी बस्ती के पठान टोला मोहल्ले सहित मरवटिया के महसों, कुदरहा ब्लॉक के गायघाट, बनकटी के बेहिल, हर्रैया के थान्हाखास, बहादुरपुर के नगर बाजार व गौर के रघुनाथपुर में सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसमें से महसों, गायघाट, बेहिल व पठान टोला में सर्वे का काम पहले से चल रहा है। बनकटी के बेहिल, हर्रैया के थान्हाखास व शहर के तुरकहिया मोहल्ले में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अन्य जगहों पर भी एक से दो दिन में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी खून के नमूनों की जांच कराई जाएगी। मलेरिया अधिकारी ने बताया कि 17 फरवरी से फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा। इससे पहले नाइट ब्लड सर्वे का काम कराया जाना अनिवार्य होता है।
पिछले साल एक प्रतिशत से कम था एमएफआर
पिछले साल नाइट ब्लड सर्वे की तैयार कराई गई रिपोर्ट में माइक्रो फाइलेरिया रेट (एमएफआर) 0.42 प्रतिशत था। जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी ने बताया की एमएफआर का प्रतिशत एक या उससे ज्यादा होने पर माना जाता है कि उक्त जिले में फाइलेरिया का रोग पनप रहा है। फिर उसके लिए अलग से योजना तैयार करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि कुल 4016 स्लाइड बनाई गई थी, जिसमें से 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी।