बस्ती। उत्सवों में पटाखों की मांग बढ़ने के साथ ही इनके अवैध भंडारण और बिक्री का खतरा भी बढ़ जाता है। दूसरे राज्यों और शहरों से पटाखे मंगाकर दुकानों या गोदामों में नियमों के विपरीत भंडारण किए जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। कौशांबी में पटाखों के विस्फोट में 11 लोगों की मौत के बाद जिले में भी अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, जिले में 25 दुकानदारों के पास पटाखा बेचने का स्थायी लाइसेंस है। हालांकि, दीपावली के दौरान विभिन्न बाजारों में अस्थायी रूप से पटाखों की दुकानें भी लगती हैं। इसके लिए जिला प्रशासन तहसीलवार सुरक्षित स्थान चिह्नित करता है और दुकानदारों को 72 घंटे के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किया जाता है।
प्रशासन के अनुसार, जिले में पटाखों का निर्माण नहीं होता है। लाइसेंसधारी दुकानदार शिवकाशी (तमिलनाडु), लखनऊ और गोरखपुर समेत अन्य स्थानों से पटाखे मंगाकर बिक्री करते हैं। अग्निशमन विभाग का दावा है कि जिले में पटाखों के अवैध भंडारण की कोई सूचना नहीं है। विभाग की ओर से नियमित रूप से लाइसेंसधारी दुकानों की जांच की जाती है।
दीपावली के दौरान अस्थायी दुकानों के लिए भी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। दुकानों के आसपास अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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2018 में बभनान में हो चुका है हादसा
बभनान बाजार में वर्ष 2018 में पटाखों के एक गोदाम में आग लगने के बाद विस्फोट हो गया था। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि तीन से चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद प्रशासन ने मकान और गोदाम को तत्काल सील कर दिया था। इसके बाद बाजार में पटाखों के भंडारण और बिक्री को लेकर सख्ती बढ़ाई गई थी। बताया गया था कि बाहर से पटाखे लाकर वहां भंडारण किए गए थे।
ये हैं सुरक्षा के मानक
जिस व्यक्ति के नाम लाइसेंस जारी है, वही पटाखों का कारोबार करेगा।
बिना प्रशिक्षण के किसी व्यक्ति से पटाखों का निर्माण नहीं कराया जाएगा।
पटाखों की दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखनी होगी।
हाईटेंशन लाइन के नीचे पटाखों की दुकान नहीं लगाई जाएगी।
दुकान टिन शेड में लगानी होगी, टेंट में दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी।
दुकान पर आग बुझाने के उपकरण, बालू और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी।
कोट
जिले में 25 दुकानदारों के पास पटाखों की बिक्री का स्थायी लाइसेंस है। दीपावली पर तहसीलवार अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं, जिनके लिए 72 घंटे का लाइसेंस जारी होता है। दुकानों की नियमित जांच की जाती है और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता है।
-रमेश चंद्र यादव, अग्निशमन अधिकारी, बस्ती।