केवाईसी अपडेट न होने से अभिभावकों के खाते में नहीं पहुंची ड्रेस, बैग की धनराशि
बिना स्वेटर और जूता-मोजा के बच्चे गुजार रहे साल, कॉपी-किताब ले जाने के बैग नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शैक्षिक सत्र समाप्ति की ओर है। ठिठुरन भरी ठंड अलविदा हो रही है। मगर, जिले के 22,200 परिषदीय बच्चे बिना स्वेटर के ही पूरी ठंड गुजार दिए। इन बच्चों को ड्रेस, बैग और स्वेटर आदि के लिए धन उपलब्ध नहीं हो पाया। जिम्मेदार यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि इनके अभिभावकों का केवाईसी अपडेट नहीं है। मगर, इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने कोई पहल नहीं की।
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1434 प्राथमिक विद्यालय, 336 उच्च प्राथमिक व 301 संविलयन विद्यालय संचालित हैं। इनमें पढ़ रहे बच्चों को ड्रेस, बैग, स्वेटर के साथ ही स्टेशनरी के लिए उनके अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1200 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजे जाते हैं। ताकि बच्चों की पढ़ाई के खर्च का बोझ अभिभावकों पर न पड़े।
इस वर्ष कुल 196217 बच्चों का डीबीटी किया जाना था। इनमें से 174017 बच्चों का ही डीबीटी किया जा सका। 22,200 बच्चे ऐसे हैं जिनके अभिभावकों के खाते में धनराशि नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में जिन अभिभावकों की आर्थिक स्थिति ठीक थी, उन्होंने अपने बच्चों का ड्रेस, जूता-मोजा खरीद लिए, लेकिन जिनकी कमजोर रही उनके बच्चे विद्यालय बिना जूता-मोजा व स्वेटर के स्कूल पहुंच रहे हैं।
...
कोट
जिन बच्चों के अभिभावकों को डीबीटी की धनराशि नहीं मिली है, उनके आधार का सत्यापन कराया जा रहा है। कुछ का सत्यापन हो चुका है। उन्हें यह धनराशि स्थानांतरित की जा रही है। शेष सभी बच्चों के लिए डीबीटी धनराशि जल्द स्थानांतरित कर दी जाएगी।
-अनूप कुमार तिवारी, बीएसए