आश्वासन पर माने राइस मिलर्स, उठान शुरू
खरीद का ग्राफ बढ़ा, 2361 एमटी खरीद
300 एमटी की उठान, गोदाम पर पहुंचा 81 एमटी चावल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। धान खरीद में बाधा बनी कुटाई पर अब संकट टल गया है। राइस मिलर्स सरकार के आश्वासन पर मान गए और क्रय केंद्रों से वे धान उठान करने लगे हैं। हालांकि अभी खरीद के सापेक्ष मात्र 300 एमटी की ही उठान हो सकी है, मगर उठान की पहल से ग्राफ बढ़ गया है और अब तक पखवाड़े भर में 2361 क्विंटल की खरीद एजेंसियों ने की है। उठाए गए धान का 81 एमटी चावल एफसीआई के गोदाम तक मिलर्स ने पहुंचा दिया है।
जिले में पहली नवंबर से धान खरीद की योजना बनाई गई थी। इसके तहत अभी तैयारी चल ही रही थी कि राइस मिलर्स एसोसिएशन ने धान खरीद में सहयोग न करने की घोषणा की। इसके बाद सहकारी समितियों के सचिवों ने भी हड़ताल कर दी। चूंकि पीसीएफ के 39 क्रय केंद्रों का संचालन सचिवों के कंधों पर है, इसलिए खरीद की रफ्तार थम गई। अभी यह चल ही रहा था कि विपणन निरीक्षक भी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए। इसके बाद धान खरीद बाधित हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन ने सबसे पहले विपणन निरीक्षकों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवाया। इसके बाद सहकारी समितियों के सचिव की मान-मनौवल शुरू हुई और वे भी शासन के आश्वासन पर मान गए। इसके बाद 15 नवंबर से खरीद शुरू हो गई, लेकिन धान केंद्रों पर डंप होने लगा। इस बीच मिलर्स पर प्रशासन ने दबाव बनाना शुरू किया, मगर वे अनुबंध करने को तैयार होने के बजाय कोर्ट की शरण में चले गए। शासन ने एक बार फिर राइस मिलर्स से बातचीत की और आश्वासन के बाद मिलर भी मानें, मगर कोर्ट में अब भी मामला चल रहा है। अनुबंध की प्रक्रिया मिलर्स ने पूरी कर दी और धान उठान शुरू हो गया है।
राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयनमैन जयेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार का काम करने में मिलर्स को कोई दिक्कत नहीं है, मगर उनकी भी बात सुनी जानी चाहिए। कोर्ट में छह दिसंबर की तारीख है। मिलर्स कोर्ट के आदेश के तहत ही काम करेंगे। जिला विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि धान खरीद पटरी पर धीरे-धीरे आ रही है। सभी खरीद में सहयोग कर रहे हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगाई गई है।