कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल।
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बस्ती। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ रविवार को समारोह पूर्वक केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने किया। योजना में जिले से 1,61,650 परिवारों का चयन हुआ है। इन परिवारों का 10 अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज होगा।
‘बीमार न होगा अब लाचार‘ बीमार का होगा मुफ्त उपचार‘ श्लोगन के साथ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का जिले में शुभारंभ खैर इंटर कॉलेज के सभागार से हुआ। मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि इस योजना का शुभारंभ पूरे देश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से की है। मुख्य आधार 2011 के सामाजिक, आर्थिक गणना है। जिसके आधार पर गरीब व्यक्तियों को चयन किया गया है। योजना से पूरे देश में लगभग 10 करोड़ तथा प्रदेश में लगभग छह करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें 1350 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। जिसमें कैंसर, हृदय रोग आदि का भी इलाज सरकारी खर्चे पर किया जाएगा। कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ भारत एवं विकसित भारत बनाना है। जिस देश के नागरिक स्वस्थ नहीं होंगे वह देश विकसित नहीं हो सकता।
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली के अलावा जिले के सात निजी अस्पतालों में यहां के लाभार्थियों का इलाज होगा। सूचीबद्ध परिवारों में यदि कोई सदस्य बीमार होता है तो पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार किया जाएगा। यदि एक वर्ष में पांच लाख की दवा नहीं हुई तो बची राशि परिवार के अन्य सदस्यों के इलाज में खर्च होगा। सहायता के लिए आरोग्य मित्र भी तैनात किए जाएंगे। योजना की सफलता में स्वास्थ्य महकमे के अलावा अन्य विभाग के लोग भी सहयोग करेंगे। योजना की हेल्प लाइन 14555 है।
मंडल में 4.50 लाख लोग लाभान्वित होंगे: कमिश्नर
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के शुभारंभ पर मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने कहा कि आयुष्मान भारत बीमारी को खत्म करने एवं गरीबों को सहायता पहुंचाने की बेहतरीन योजना है। इससे मंडल में 4.50 लाख लोग लाभान्वित होंगे। भगवान की कृपा से हम लोग ऐसे पद पर हैं कि क्रियान्वयन में मदद करेंगे जिससे योजना आगे चल कर मां गंगा की तरह सभी को जीवनदायनी के रूप में कार्य करेगी। डीएम डॉ. राज शेखर ने बताया कि जिले के लगभग 1.40 लाख ग्रामीण तथा 6645 शहरी परिवारों का चयन खुली बैठक में हुआ है। 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना की रिपोर्ट के आधार पर 161, 650 परिवार को शामिल किया गया है। जिसमें 14702 नए परिवार हैं।