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बाल रोग विभाग में तनातनी बरकरार

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बस्ती। बाल रोग विभाग में सिस्टर प्रभारी कुसुम चंद का स्थानांतरण जिम्मेदारों के गले की हड्डी बन गया है। कुसुम चंद, ललिता को चार्ज देने से मना कर दी हैं तो जिम्मेदार स्थानांतरित सिस्टर प्रभारी पर दबाव डालने से बच रहे हैं। हालांकि अभी तक स्थानांतरण का मामला टला नहीं है, मगर डॉक्टर व अधिकारी कुसुम के इस रवैये से खासे नाराज हैं।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व डॉक्टर ने जब बाल रोग विभाग में एक मरीज से बाहर की दवा मंगाई तो सिस्टर प्रभारी कुछ नर्सों ने इसका विरोध कर दिया। वे डाक्टर के बाहर से मंगाई गई दवा को मरीज पर प्रयोग करने से मना कर दी। कुसुम चंद का आरोप है कि डॉक्टर अपनी जेब भरने के लिए अस्पताल में मौजूद दवाओं को तो बाहर से मंगाते ही हैं। बेवजह भी तमाम दवाएं मरीजों को लिख दी जा रही हैं, जिससे गरीबों के मुफ्त इलाज की मंशा पर पानी फिर रहा है। कुसुम का आरोप है कि अपने आर्थिक नुकसान को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हटवाने के लिए एडी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. सीके शाही व एसआईसी डा. एके श्रीवास्तव से शिकायत की। तमाम आरोप मढ़े, मगर इन आरोपों में कोई दम नहीं है। कुसुम के इस विरोध को देखते हुए उनका स्थानांतरण कर दिया गया। उनके स्थान पर ललिता को तैनात किया गया, मगर जब ललिता वहां चार्ज लेने पहुंची तो कुसुम ने चार्ज देने से साफ मना कर दिया। मंगलवार को भी बाल रोग विभाग में इसे लेकर तनातनी का माहौल रहा। डॉक्टरों का आरोप है कि सिस्टर प्रभारी कुसुम चंद व उनमें तालमेल नहीं है, जिससे मरीजों पर इसका असर पड़ रहा है। मरीजों के हित में उन्हें यहां से हटाना जरूरी है।
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एसआईसी डा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि बाल रोग विभाग की सिस्टर प्रभारी कुसुम चंद ने अभी तक चार्ज नहंीं दिया। वे नई सिस्टर प्रभारी ललिता को चार्ज देने से मना कर दी हैं। उनका स्थानांतरण करने के पीछे कारण वे बाहर से आती जाती हैं। उनका तबादला इधर से उधर किया गया है। यह कोई सजा नहीं। एडी से वार्ता कर यह कार्रवाई की गई है। कुसुम को चार्ज देने का निर्देश दिया गया है। मरीजों के हित में यह फैसला लिया गया है।
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