बस्ती। विकास भवन के सभागार में शुक्रवार को सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित मनरेगा की कार्यशाला में वर्ष 2018-19 की कार्ययोजना को विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यों की प्राथमिकता बताई गई। ग्राम और क्षेत्र पंचायतों को अपने हिस्से के 155 कार्यों के लिए बनाई जाने वाली कार्य योजना में व्यक्तिगत लाभार्थी योजना को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इस सभी कार्यों के बारे में विस्तार से इससे जुड़े लोगों को बताया गया। मनरेगा में इस वित्तीय वर्ष में 1.61 अरब रुपये खर्च किए जाएंगे।
पहली नवंबर से मनरेगा जीओ फेज दो लागू हो रही है। इसमें सभी कार्यों की जीओ टैगिंग की जानी है। यानी कार्य शुरू होने से पहले, कार्य के मध्य और कार्य समाप्ति के फोटो को जीओ टैग के जरिए उसे गुगल पर ऑनलाइन करना होगा ताकि कोई भी व्यक्ति कहीं से भी अपने गांव में हो रहे कार्य को देख सके। वर्ष 2018-19 के लेबर बजट की कार्ययोजना को ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायतों से अनुमोदन लेना होगा। सीडीओ ने समय से मनरेगा श्रमिकों को भुगतान और उनसे लिए जाने वाले कार्य की विस्तार से जानकारी दी। बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब मनरेगा में 155 कार्यों को शामिल किया गया है। व्यक्तिगत लाभार्थी, जल प्रबंधन के कार्य, कृषि कार्य और कृषि से संबंधित कार्य कलापों को प्राथमिकता दी गई है। कार्ययोजना में ग्राम पंचायतों को आय बढ़ाने वाले कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करने को कहा गया। सोख्ता गड्ढा, कंपोस्ट पिट का निर्माण कराना, मुर्गी पालन एवं पशुपालन के आश्रय स्थल जैसे अन्य स्थाई कार्यों पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में बताया गया कि 17 अक्टूबर तक चलने वाले ग्राम स्वच्छता एवं समृद्धि पखवाड़ा में लोगों की सहभागिता और स्वच्छता की जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी नीरज श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए आरपी सिंह, डीसी मनरेगा अनिल सिंह, डीसी एनआरएलएम महेंद्र पांडेय, सभी 14 बीडीओ, सभी ब्लॉकों के एकाउंटेंट, एनआरपी, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रत्येक ग्राम पंचायतों से दो-दो तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक मौजूद रहे।