आईटीआई में खुलेगा नया आरटीओ ऑफिस
बस्ती।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में जल्द ही आरटीओ का नया ऑफिस खुल जाएगा। इससे अभ्यर्थियों और बाहरी वाहनों स्वामियों का कार्य कराने में सहूलियत मिलेगी।
ग्रामीण और शहर वासियों को शहर से चार किमी. दूर स्थित आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था। जहां पर दलालों के साथ गांव वालों के दबंगई का सामना करना पड़ता था। आईटीआई में ऑफिस खुलने से कई प्रकार की सहूलियतें एवं सुविधाएं मिलेंगीं। यह आफिस हाईवे के पास और शहर के नजदीक है। इसका खाका तैयार हो चुका है। केवल प्रशासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। जैसा से ही आदेश मिलेगा संभागीय विभाग कार्य कराना शुरू कर देगा।
उत्तर प्रदेश निदेशक एवं सेवा योजन ने जुलाई में प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य से ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्कूल खोले जाने के संबंध में जानकारी मांगी। इस पर आईटीआई के प्रधानाचार्य बीबी सिंह ने 2.5 एकड़ भूमि की उपलब्धता होने की सूचना शासन को भेजी थी। इस पर ड्राइविंग ट्रैक सुरक्षा की वायर फेसिंग के साथ बनाया जा सकता है। प्रदेश के 24 जिलों ने आईटीआई में भूमि की उपलब्धता की सूचना दे दी है। उसमें बस्ती जिला भी शामिल है। सिद्धार्थनगर और संतकबीर नगर में जमीन खोजी जा रही है। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त प्रवर्तन ने प्रदेश के संभागीय अधिकारियों को भूमि के संबंध में अवगत कराया। कहा कि विभाग अपने स्तर से जांच करके वहां पर ट्रेनिंग स्कूल खोल सकता है। पत्र के क्रम में आरटीओ प्रवर्तन अनिल कुमार श्रीवास्तव ने जमीन के वास्तविक स्वरूप के प्रशासन को जानकारी दी। इसमें बताया कि आईटीआई की भूमि को एनएच 28 के निकट होना। यहां तक हल्के और भारी वाहनों के आवागमन की सुविधा, ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के लिए लम्बाई 111 मी. चौड़ाई 90 मीटर के साथ ( 9990 वर्ग मीटर) कुल क्षेत्रफल 2.45 एकड़ भूमि ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग की उपलब्ध होने की रिपोर्ट भेज दी। इसमें 2.45 एकड़ भूमि के तीन ओर 4.50 मी. पिच रोड बना है। उसके बाद चारों तरफ बाउंड्री वाला बना है। आरटीओ प्रवर्तन ने भूमि की उपलब्धता और मैपिंग के साथ शासन को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया है। प्रशासन के हरी झंडी मिलने पर केवल टेस्टिंग ट्रैक बनवाना है।
नए ऑफिस से मिलने वाली सुविधा
आरटीओ ऑफिस में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट के देने के बाद आवेदक को लाइसेंस जारी किया जाएगा। वहीं भारी और हल्ले वाहनों के फिटनेस भी जारी होंगे। वर्तमान में स्थापित ऑफिस से आरआई को हाईवे पर आकर वाहन देखना पड़ता था। क्योंकि आरटीओ ऑफिस तक जाने वाली सड़क काफी संकरी व खराब थी। जबकि आईटीआई में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के विभिन्न ट्रेडों में ट्रेनिंग ले रहे छात्रों को फायदा होगा।
इस संबंध में आरटीओ डॉ. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि प्रशासन के दिशा निर्देश के क्रम में विभाग को आईटीआई में जमीन मिल गई है। जल्द ही वहां पर ऑफिस खुल जाएगी। इससे वाहन स्वामियों और आवेदकों को कार्य कराने में सुविधा मिलेगी।