यूनीसेफ की निगहबानी में स्वास्थ्य सेवाएं
बस्ती।
अस्पतालों में टीकाकरण, तीमारदारों के साथ कर्मचारियों का व्यवहार तथा नवजात और शिशुओं के विकास पर केंद्रित योजनाओं पर यूनीसेफ की नजर है। इससे स्वास्थ्य विभाग के लोग बेखबर हैं।
महिला स्वास्थ्य, संक्रामक बीमारियों और वायरस जनित रोगों की मॉनीटरिंग के दौरान उपचार की विधि का अवलोकन कर यूनीसेफ व डब्लूएचओ की टीम अपनी रिपोर्ट सीएमओ के अलावा राज्य व केंद्र स्तर पर भेजती है। अस्पतालों में होने वाले टीकाकरण में लगे कर्मी बच्चों के परिवार के लोगों से कैसा व्यवहार कर रहे हैं। नवजात शिशुओं का विकास कैसे हो रहा है? गर्भवती व धात्री को पुष्टाहार के रूप में क्या दिया जा रहा है और उसकी गुणवत्ता, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण, पेयजल, एड्स, संक्रामक बीमारियों व वायरस जनित रोगों को लेकर संचालित कार्यक्रमों की मानीटरिंग व निगहबानी के लिए यूनीसेफ व डब्लूएचओ की टीम जिले में काम कर रही है। यह टीम समय-समय पर अचानक अस्पतालों में पहुंच जाती है और उसके बाद बिना किसी जांच-पड़ताल के ही वह बीमारी में किए जाने वाले उपायों पर एक नजर डालती है। कभी-कभार टीम के सदस्य खुद ही इसका परीक्षण कर लेते हैं। परीक्षण के बाद आए परिणामों की रिपोर्ट वे सीधे सीएमओ के अलावा प्रदेश व केंद्र की स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज देते हैं। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि यह सही है कि यूनीसेफ व डब्लूएचओ की टीम जिले में काम कर रही है। यह टीम लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की मानीटरिंग कर रही है। जहां टीम को सेवाओं में चूक मिलेगी। अथवा प्रशिक्षण के अनुसार कार्य होते नहीं पाया गया तो तत्काल रिपोर्ट जिला स्तर पर देगी। फिलहाल, अभी कहीं से कोई रिपोर्ट मानीटरिंग टीम ने नहीं दी है।