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शिक्षा मित्रों ने निकाली अपर सचिव बेसिक की शव यात्रा

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शिक्षामित्रों ने प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली
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बस्ती।
अपनी मांगों को लेकर शिक्षामित्रों का आंदोलन शुुक्रवार को तीसरे दिन भी बीएसए कार्यालय पर जारी रहा। नाराज शिक्षामित्रों ने अपर सचिव बेसिक शिक्षा की शवयात्रा निकाली और बाद में प्रदेश सरकार का पुतला भी जलाया। शिक्षा मित्रों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे।
शुक्रवार को पूर्वाह्न दस बजे से से ही शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्रित होने लगे, देखते ही देखते महिलाओं और पुरुषों की तादाद अच्छी खासी हो गई। धीरे-धीरे शिक्षामित्र उग्र होते गए। धरने पर आए सभी शिक्षामित्रों में प्रदेश सरकार के खास तौर से सीएम योगी को लेकर नाराजगी दिखी। कहा कि भाजपा सरकार ने उन्हें धोखा दिया है। इतने कम मानदेय में किस तरह परिवार का पालन पोषण होगा, यह सवाल जिले के तीन हजार से अधिक शिक्षामित्रों के सामने खड़ा है। इतने साल तक सहायक अध्यापक की नौकरी करने के बाद किस तरह मानदेय पर कार्य करें, इस सवाल का जवाब शिक्षामित्र सरकार से मांग रहे हैं। बीएसए का घेराव भी हुआ।
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नाराज शिक्षामित्रों ने धरने के बाद पहले अपर सचिव बेसिक राज प्रताप सिंह की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। रास्ते भर राम नाम सत्य है कहते हुए शिक्षा मित्र कंपनी बाग चौराहे पहुंचे और वहां पर प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। आदर्श समायोजित शिक्षक, शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष आनन्द दूबे और प्राथमिक शिक्षामित्र संघ अध्यक्ष राम विलास चौधरी के नेतृत्व में शिक्षा मित्र पूर्व की भांति शिक्षक बनाए जाने की मांग कर रहे थे। शिक्षामित्रों के रवैये को देखकर पुलिस के हाथ-पैर फूलने लगे थे। धरने के कारण कई स्कूलों पर ताला लगा रहा। पठन-पाठन कार्य प्रभावित हुआ। प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष संतोष भट्ट, वीरेंद्र शुक्ल, मुक्तेश्वर यादव, रजनीश मिश्र, राजेश कुमार, गिरजेश दूबे, सुनील तिवारी, राम पराग चौधरी, श्रीकांत मिश्र, राघवेंद्र उपाध्याय, संतोष शुक्ल, रत्नेश चौधरी, मनोज शुक्ल, ईश्वरदेव शुक्ल, शिव कुमार चौधरी, नवल किशोर वर्मा, मजहर अब्बास, शिवनाथ वर्मा, अभिषेक सिंह, नीतू श्रीवास्तव सहित अन्य ने संबोधित किया। इस मौके पर शेर बहादुर सिंह, पवन तिवारी, सुनील तिवारी, रफीक अहमद, संजीव वर्मा, ऋषिकांत तिवारी, किशन सिंह, पवन शुक्ल, विजय बहादुर यादव, पंकज मिश्र, राधेश्याम, संतोष, बच्चूलाल शर्मा, शैलेंद्र मिश्र, कृष्ण कुमार तिवारी, इंद्रदेव चौधरी, धर्मेन्द्र पाठक, सच्चिदानंद त्रिपाठी, घनश्याम, विश्वम्भर नाथ दूबे, प्रदीप चौहान, मिथिलेश, रंजना, शीला, प्रभावती, राजकुमार वर्मा, प्रवीण सिंह, रामप्रकाश, बाल गोपाल, पंकज मिश्र, सुमन वर्मा, रजनी चौधरी, कमलावती, नीलम, जयंती यादव, शिखा मिश्रा, पूनम सिंह, नंदिनी मौर्य, अर्चना यादव, विजय लक्ष्मी, संजू, संदीप सिंह, अर्चना, विनीता उपाध्याय, पूनम सिंह, अर्चना यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया

बस्ती।
उत्तर प्रदेश आशा बहू स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में मंडलायुक्त कार्यालय पर मंडल इकाई ने धरना-प्रदर्शन किया। इसमें केंद्र सरकार के वादा खिलाफ और मानदेय दिए जाने की मांग की। केंद्र और प्रदेश सरकार के विरोध में नारे लगाए।
मंडल अध्यक्ष विमला यादव ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने विधान सभा चुनाव में लिखित आश्वासन दिया था। प्रदेश में सरकार बनने के 90 से 120 दिन अंदर आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की घोषणा कप्तानगंज विधान सभा के चुनावी जनसभा में सांसद की उपस्थित में कही थी। सीएम की अध्यक्षता में समिति बनाकर समस्या का निराकरण होना था। मगर 180 दिन बीत जाने के बाद सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। आशा कार्यकर्ताओं की पीड़ा से पीएम को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। ब्लॉक से लेकर जिले स्तर तक केवल घोषणा की जाती है। उसको अमल में नहीं लाया जा रहा है। हम लोग 10 वर्षों से गांव की स्वास्थ्य सेवाएं में ईमानदारी से निभा रही हैं। क्या हम लोग केवल शोषण के लिए बने हैं। अब धैर्य जवाब दे रहा है। संगठन आंदोलन के लिए विवश है। संतकबीरनगर की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे अब पूरा करें। राज्य कर्मचारी का दर्जा और सुनिश्चित मानदेय दिलाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, गृहमंत्री व उप सीएम केशव प्रसाद मौर्या को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर का दिया। इसमें लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए निर्धारित अवधि में वादा पूरा करने की मांग की। नहीं तो जन प्रतिनिधियों को चूड़ियां भेंट की जाएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्र, सुशीला देवी, लालचंद, मोनिका चौधरी, विमला देवी, जगराम यादव, इन्द्रावती त्रिपाठी, अन्नपूर्णा, सरोज यादव, राजेश कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की आशा कार्यकर्ताओं धरना-प्रदर्शन में मौजूद रहीं।


छात्रों नेताओं ने डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया

बस्ती। शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज के छात्र, छात्राओं ने अध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव और अजय शुक्ला के नेतृत्व में डीएम को संबोधित ज्ञापन कार्यालय में दिया। इसमें महाविद्यालय की समस्या से संबधित आठ सूत्रीय मांग पत्र देकर निस्तारण की मांग की। प्रमुख रूप से छात्रों को अंक पत्र उपलब्ध कराना, खराब पड़े हैंडपंप और वाटर कूलर को सही कराया जाना, शौचालय निर्माण, पुस्तकालय में छात्र, छात्राओं के बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई को ठीक करना सहित अन्य मांगें शामिल रहीं। इस मौके पर शौर्य प्रताप सिंह, निखिल दूबे, रानी श्रीवास्तव, पवन दूबे, राहुल श्रीवास्तव, आशीष सिंह और आनंद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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विद्यार्थी मोर्चा ने सीएम को पत्र भेजा
बस्ती। राजकीय पॉलीटेक्निक चौराहे पर हुई घटना को लेकर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के जिलाध्यक्ष बुद्धप्रिय पासवान ने सीएम को पत्र भेजा है। पांच सूत्रीय मांग पत्र में सभी विद्यार्थियों को रिहा करना, मुकदमों को समाप्त करना, मृत्यु छात्रा के माता, पिता को मुआवजा, चौराहे से अवैध वाहनों के खड़े होने पर रोक एवं चौराहे पर ओवरब्रिज का निर्माण किए जाने की मांग की है। ताकि भविष्य में होने वाली घटनाओं को रोक जा सके। इस मौके पर अशोक सिंह, शिव शंकर, अश्वनी कुमार, पंकज सिंह पटेल, राजेन्द्र यादव, मुकेश कुमार, विवेक चौधरी, राजन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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