बस्ती। डीजी अभियोजन सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदेश भर में 21 लाख केस
न्यायालयों में लंबित हैं। इन मुकदमों के निस्तारण के लिए ढाई हजार विशेष
अदालतों के गठन की मंजूरी मिल चुकी है।
प्रदेश में 92 ग्राम अदालतों का गठन
भी किया जाने की प्रक्रिया चल रही है। सबसे अधिक अपराध गाजियाबाद जिले में
हो रहे हैं।वे सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर
रहे थे।
उन्होंने कहा कि शासकीय अधिवक्ताओं, और अभियोजन अधिकारियों को
निर्देशित किया गया है कि अपराधियों की जमानत न होने दें। यदि हो गई है तो
उसे खारिज करा दें।
शासकीय अधिवक्ताओं को मिलने वाले धमकी के संबंध में
पूछे गए सवाल पर कहा कि ऐसा होता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस
अधिकारियों को दें। धमकी देने वालों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल
भेजा जाएगा।
यदि जेल में बंद किसी अपराधी की ओर से धमकी दी जा रही है
तो उसकी जमानत खारिज कराने का प्रयास किया जाएगा। इतना ही नहीं यदि
उन्हें शस्त्र लाइसेंस की जरूरत हो तो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
गवाहों गवाही न देने का दबाव पड़ता है, उन्हें धमकी भी दी जाती है। ऐसे में उनके लिए गवाह सुरक्षा योजना चलाई गई है।