पूर्व प्रमुख राना दिनेश प्रताप सिंह ने किया प्रेस वार्ता।
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बस्ती। सपा-बसपा गठबंधन में मंडल की एक भी सीट हिस्से में नहीं आने पर सपा में विद्रोह शुरू हो गया है। रविवार को पूर्व प्रदेश सचिव राना दिनेश प्रताप सिंह और जिला पंचायत सदस्य कपिल देव सिंह ने राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व को इस्तीफा भेज दिया है।
राना दिनेश प्रताप ने प्रेस कांफ्रेंस कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ इस्तीफा देने की घोषणा की। जिला पंचायत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव व ब्लॉक प्रमुख संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह इससे पहले सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव, देवीपाटन मंडल प्रभारी, जिला महासचिव, ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। कहा कि संस्थापक मुलायम सिंह यादव के आह्वान पर अनेक बार पुलिस की लाठियां और जेल की यातनाएं झेलने पर कोई तकलीफ नहीं हुई। आज भी न्यायालय में केस विचाराधीन है, लेकिन सपा को मंडल के नक्शे से ही मिटा देने तथा निष्ठावान कार्यकर्ताओं को महागठबंधन में हैसियत बता देने से मन खिन्न हो गया है। प्रतिद्वंद्वी बसपा के प्रति समर्पण आत्मघाती कदम होगा। संस्थापक मुलायम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को भेजे इस्तीफे में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नेतृत्व किसी गहरी साजिश का शिकार हो गया है अथवा निहित स्वार्थी तत्वों और अनुभवहीन नेताओं से घिर गया है। ऐसी विषम परिस्थितियों में मेरे जैसे कार्यकर्ता का समाजवादी पार्टी से जुड़े रहकर जातिवादी और भ्रष्टाचारी तत्वों की झंडाबरदारी संभव नहीं है। कृपया सक्रिय सदस्यता से मुक्त करने का कष्ट करें।
थैलीशाह नेताओं का गिरवी नहीं रह सकता: कपिलदेव
जिला पंचायत सदस्य कपिल देव सिंह ने गठबंधन से आहत होकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आरोप लगाया कि निष्ठावान कार्यकर्ताओं को बसपा के थैलीशाह नेताओं का गिरवी बना दिया गया है। पार्टी का खाटी कार्यकर्ता बूथों पर जिनके खिलाफ संघर्ष करता चला आया है अब उन्हीं की जय-जयकार करने की मन:स्थिति में नहीं है। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और जिला अध्यक्ष राजकपूर यादव को भेजे त्याग पत्र में कहा है कि पार्टी की सदस्यता से मुक्त किया जाए। बताया कि 17 वर्ष से संगठन के विभिन्न पदों पर रहकर हर कार्यक्रम और आंदोलनों में बढ़चढ़ कर भागीदारी की, उत्पीड़न का शिकार हुआ। पिछले लोकसभा चुनाव में निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बल पर प्रत्याशी कुछ ही वोट से पिछड़ गया था। वर्तमान राजनीति परिवेश में पार्टी में बना रहना संभव नहीं है।