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बभनान चीनी मिल की बिजली से जगमग हो रहे गांव

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बभनान चीनी मिल की बिजली से जगमग हो रहे गांव
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मिल उत्पादित कर रही 24.67 मेगावाट बिजली
बिजली उत्पादन के लिए प्रयोग किया जा रहा बगास व गंदा पानी
हर्रैया सब स्टेशन को 10 मेगावाट बिजली की आपूर्ति
राम ललित यादव
गौर। बस्ती-गोंडा जिले की सीमा पर स्थित चीनी मिल बभनान व केमिकल फैक्ट्री से उत्पादित की जा रही बिजली जिले के लिए वरदान साबित हो रही है। 80 करोड़ की लागत से कुल 24.67 मेगावाट बिजली उत्पादन की जा रही है, जिसमें से 10 मेगावाट बिजली विद्युत सब स्टेशन हर्रैया को आपूर्ति की जा रही है। यहां के गांव इसी बिजली से रोशन हो रहे हैं।
वर्ष 1932 में सेक्सरिया ग्रुप ने बभनान चीनी मिल की स्थापना कराई थी। बाद में 1990 में बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप ने इसे खरीद लिया। तभी से गन्ना पेराई कर चीनी उत्पादन किया जा रहा है। चीनी मिल के वरिष्ठ श्रम अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि पूर्वांचल में सर्वाधिक गन्ना पेराई करने वाली चीनी मिल बभनान यूनिट प्रतिदिन 90 हजार क्विंटल पेराई कर रही है। जहां नौ से दस हजार क्विंटल के बीच चीनी उत्पादन किया जा रहा है। बताया चीनी मिल स्वयं बिजली का उत्पादन कर रिकॉर्ड कायम कर रही है। वर्ष 2018 में मिल के अंदर नया पावर प्लांट लगाया गया है। जहां कुल 18 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसमें 12 मेगावाट से गन्ना मिल चल रही है। जबकि छह मेगावाट बिजली सीधे हर्रैया सबस्टेशन को आपूर्ति की जा रही है। बताया कि नेशनल ग्रीन टर्मिनल यानी एनजीटी के निर्देश पर यूनिट के केमिकल डिवीजन फैक्ट्री में वर्ष 2017 में 80 करोड़ की लागत से बिजली उत्पादन के लिए नया बॉयलर लगाया गया है, जिससे 6.67 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसमें चार मेगावाट 132 केवीए विद्युत सब स्टेशन हर्रैया को दिया जा रहा है, जबकि 2.67 मेगावाट बिजली से केमिकल डिवीजन संचालित हो रही है। इस तरह कुल 10 मेगावाट बिजली पॉवर कारपोरेशन को आपूर्ति कर गांवों और शहरों को बिजली की रोशनी से जगमग किया जा रहा है।
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मिल के गंदे पानी व बगास से बनाई जा रही बिजली
गौर। चीनी मिल और केमिकल डिवीजन से निकलने वाले गंदा पानी व बगास को बॉयलर में जलाकर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। जिसे चीनी मिल ही नहीं बल्कि अन्य लोगों को फायदा हो रहा है। वरिष्ठ श्रम अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि चीनी मिल में कुल पंद्रह सौ कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। जिन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना है। बताया कि मिल के अंतर्गत कुल छह गन्ना समितियां हैं, जहां 72 गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना तौल की जा रही है। बभनान चीनी मिल के सीजीएम अजय कुमार दुबे ने बताया कि मिल किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है।
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