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सात माह बाद निकलेगा मुंडेरवा मिल की चिमनी से धुआं

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सात माह बाद निकलेगा मुंडेरवा मिल की चिमनी से धुआं
शुगर मिल निर्माण का जोरों से चल रहा है काम
फाउंडेशन तैयार, अब मशीनें सेट करने का कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
मुंडेरवा। बहुचर्चित मुंडेरवा की नई शुगर मिल से धुआं फरवरी में निकलने लगेगा। मिल का फाउंडेशन तैयार कर लिया गया है। अब सिर्फ मशीनों की सेटिंग का कार्य ही है। इसके लिए कार्यदायी संस्था भी तेजी से लगी है।
19 साल से मुंडेरवा चीनी मिल बंद है। चीनी मिल बंद होने से जमकर राजनीति हुई। 1998 से बंद इस चीनी मिल के लिए हुए आंदोलन में पुलिस की गोली से तीन किसान भी शहीद हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने चीनी मिल फिर से चालू कराने का वादा चुनाव में किया था। प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहले ही बजट में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मिल के लिए 386.06 करोड़ की स्वीकृत दी। इस परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था मेसर्स इस्जेक हैवी इंजीनियरिंग लिमिटेड का चयन भी सरकार ने कर दिया, जिसके बाद 29 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई शुगर मिल का शिलान्यास भी कर दिया और निर्माण कार्य शुरू हो गया।
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40 एकड़ में बन रही मिल में दो यूनिट (शुगर मिल और पावर प्लांट) के लिए मेसर्स इस्जेक ने सिविल के लिए केके कंपनी और शुगर मिल निर्माण में लगने वाले उपकरणों के लिए श्री जी इंजीनियरिंग कंपनी को कार्य दिया। इस्जेक के सिविल प्रबंधक नवीन कुमार शुक्ल ने बताया कि फाउंडेशन तैयार हो चुका है। सिर्फ मशीनों को सेट करना है। मशीनें आ रही हैं और उन्हें सेट भी किया जा रहा है।
बताया कि 5000 टीसीडी क्षमता के डीसीएस (डायरेक्ट कंट्रोलिंग सिस्टम) से शुगर मिल को चलाने के लिए आठ मेगावाट बिजली की जरूरत होती है। मिल के बगास से 27 मेगावाट कोजेन प्लांट संचालित होगा। आठ मेगावाट के बाद बची 19 मेगावाट बिजली बेच कर गन्ना किसानों के भुगतान आदि में खर्च किया जाएगा। इफ्यूलेन्ट प्लांट होने के कारण इसमें कुल 200 के लगभग कर्मचारी तीन शिफ्ट में कार्य करेंगे।
केके कंपनी के प्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि बरसात की वजह से फाउंडेशन के कार्य में कुछ बाधाएं आ रही हैं लेकिन लक्ष्य के पहले निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जीएम ने बताया कि वार चार्ट (प्रगति आख्या) के अनुसार कार्य हो रहा है। प्रमुख सभी मशीनरी प्लांट आ चुके हैं। रविवार को एक ऑपरेटर प्लांट (जूस गर्म करने की मशीन) आ गई है। शासन को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट भेजी जा रही है। निर्माण कार्य को देखते हुए मुंडेरवा परिक्षेत्र के किसानों ने गन्ने की बुआई का बढ़ा दी है। मुख्य गन्ना प्रबंधक मुनीष भारद्बाज ने बताया कि 95 प्रतिशत गन्ने का सर्वे हो चुका है। बरसात के कारण पांच प्रतिशत सर्वे शेष है जो दो तीन अगस्त तक पूरा हो जाएगा।
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आगामी सत्र में मिल चलने से सब खुशी
मुंडेरवा। शुगर मिल के निर्माण की गति से लोगों में खुशी है कि आगामी पेराई सत्र से मुंडेरवा चीनी मिल की चिमनियों से धुआं निकलने लगेगा। किसानों, व्यापारियों और युवाओं का कहना है कि 1998 में मिल बंद होने के बाद से विकास ठप हो गया। वर्षों बाद ही सही मिल का निर्माण तो शुरू हो गया अब सबको रोजगार मिल जाएगा।
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व्यापारी मुन्ना अग्रहरी ने कहा कि सुगर मिल चलने कस्बे के व्यापारियों में एक नयी जान आएगी। मिल बंद होने के कारण कस्बे के अनेक व्यापारी जीविकोपार्जन के लिए मुंडेरवा कस्बे और परिवार को छोड़कर दूसरी जगह चले गये थे, मिल चलने पर पुन: लोग वापस आ सकेंगे। भाजपा जिला मंत्री विजय रजंन त्रिपाठी, किसान रामकृपाल चौधरी, दीनानाथ त्रिपाठी, विनोद पंडित, सभाजीत भट्ट, सच्चिता नन्द आदि ने कहा कि मिल चलने से और 27 मेगावाट बिजली प्लांट से 24 घंटे बिजली तो मिलेगी ही साथ ही लघु उद्योग भी लगेगा। प्लांट लगने से हजारों की संख्या में कर्मचारी और मजदूर कस्बे में लेनदेन करेंगे। इससे व्यवसाय में काफी इजाफा होगा। परिवार को एक अच्छी आमदनी होगा।
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