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बाढ़--1--खतरे में केशवपुर और कल्याणपुर

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खतरे में केशवपुर और कल्याणपुर
सरयू की कटान की जद में आ रहे हैं गांव
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर बढ़ने और लगातार धीमी बरसात से खेत और आबादी के क्षेत्रों में कटान शुरू हो गई है। बिना बांध वाले गांव केशवपुर, रानीपुर, कठवनिया, कल्याणपुर, भरथापुर और सहजौरा पाठक गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
चार साल से बन रहे विक्रमजोत-लोलपुर (वीएल) बांध दो किलोमीटर के आगे नहीं बढ़ सका। जबकि हर साल बाढ़ के समय में मंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक के लोग दौरा करते हैं। अभी तक फोरलेन से बंधे तक पहुंचने के रास्तों जो बाढ़ के दौरान कट गए थे उन्हें ईंट-रोडे़ से दुरुस्त कराया गया है। बाढ़ खंड के जेई दयाशंकर सिंह का कहना है कि दो किलोमीटर बंधे पर बने रैन और रैट होल को भराया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ठोकरों की मरम्मत का कार्य हुआ है। निगरानी की जा रही है। जबकि जलस्तर बढ़ने से हो रही कटान से कोई सुरक्षा उपाय नहीं किया गया है। इससे प्रभावित गांवों के लोगों में नाराजगी है।
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कटरिया-चांदपुर तटबंध पर बढ़ा दबाव
नदी के बढ़ने और कटान पर सहमे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। कटरिया-चांदपुर के अतिसंवेदनशील तटबंध पर सरयू (घाघरा) खतरे के निशान के करीब पहुंचने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। तीन दिन से लगातार बारिश के चलते बांध के मरम्मत कार्यों में भी दिक्कतें बढ़ी हैं।
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एक तरफ तीन दिन से बारिश हो रही है तो दूसरी तरफ नदी का लगातार जलस्तर भी बढ़ रहा है। इससे बाढ़ खंड के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। सरयू नदी के बढ़ रहे जल स्तर से दो किलोमीटर में बने बोरियों का बेस का अधिकांश हिस्सा डूब गया है। वहीं, तटबंध पर भी कई जगह दबाव बढ़ गया है। बने ठोकरों के आगे बैकरोल से स्थिति गंभीर हो गई है। बीती रात से ही चांदपुर गांव के पास बने ठोकर नंबर पांच का नोज बैठ रहा है। हालांकि, बाढ़ खंड तटबंध पर नजर गड़ाए हैं। कुछ मजदूरों र्से इंट और रोड़े भराने का काम कराया जा रहा है। शुक्रवार को एसडीएम हर्रैया एसपी शुक्ला व तहसीलदार मोहम्मद जसीम, अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी राजस्वकर्मियों के साथ कटरिया-चांदपुर तटबंध का जायजा लिया। आवश्यक सामग्री कम पड़ने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करने को कहा। मिट्टी और रेत का काम एकदम बंद हो गया है। बोल्डर को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली का चलना खतरनाक हो गया है।
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