महिला सिपाही के खाते से उड़ाए 81 हजार
वाल्टरगंज। महिला सिपाही के खाते से गांधी जयंती के दिन 81 हजार रुपये जालसाजों ने ट्रांसफर करके निकाल लिए। मोबाइल फोन पर एसएमएस आने पर इसकी जानकारी हुई। एसपी से मिलकर सिपाही ने कार्रवाई की मांग की है।
वाल्टरगंज थाना पर तैनात सिपाही छाया देवी का परिवार बस्ती शहर में रहता हैं। दो अक्टूबर को पुरानी बस्ती क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से दिन में सात हजार रुपये निकासी की थी। उसी दिन दोपहर में करीब दो बजे खाते से पहली बार 40 हजार कुछ समय बाद क्रमश 30 और 11 हजार रुपये निकालने का मैसेज छाया के मोबाइल पर आया। बताया कि खाता गाजीपुर जिले के भारतीय स्टेट बैंक की नंदगंज शाखा में है। जहां संपर्क करने पर बताया गया कि खाते से महराजगंज जिला मुख्यालय में स्थित स्टेट बैंक शाखा में कुसुम नामक खाताधारक के खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसे लेकर वह एसपी कार्यालय शिकायत करने पहुंची। लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। वहां के स्टॉफ ने बस्ती कोतवाली भेज दिया। जहां पहुंचने पर कोतवाली पुलिस ने पुरानी बस्ती थाना भेजा। अंत में सिपाही महाराजगंज भी गई। लेकिन मामले नहीं सुलझ सका। परेशान होकर एसपी संकल्प शर्मा को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि महिला सिपाही आई थी। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
जांच की डर से ट्रेन से कूदा युवक, घायल
टिनिच। पैसेंजर ट्रेन के टिकट पर यात्रा कर रहा युवक जांच के दौरान ट्रेन से कूद गया। इसकी वजह से उसे गंभीर चोटें आईं। घायल होने की सूचना खुद मोबाइल से परिवार वालों को दी। इस पर परिजन मौके पर पहुंचे और जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
शुक्रवार देर शाम बस्ती से आ रही मनवर-संगम एक्सप्रेस से टिनिच बाजार निवासी पंकज अग्रहरी (22) शहर में खरीदारी करने के बाद सामान लेकर घर लौट रहा था। बस्ती से ट्रेन के छूटते ही टीटीई ने चेकिंग शुरू कर दी। पैसेंजर ट्रेन का टिकट होने से पंकज डर गया। ट्रेन वाल्टरगंज स्टेशन से ढाई मीटर पश्चिम बहेरिया के पास पहुंची ही थी कि टीटीई को देखक सामान सहित चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद मोबाइल से घर वालों को जानकारी दी। परिवार के लोग रेलवे ट्रैक पर तलाशते हुए उसके पास करीब नौ बजे रात में पहुंचे। पहुंचने पर बहेरिया के पास देखा कि पकंजत बेहोशी की हालत में पड़ा है। इसके बाद घर वाले उसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है।