पांच हजार किसानों को मिली कर्जमाफी
बस्ती।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फसल ऋण मोचन के तहत सोमवार को कैबिनेट मंत्री चिकित्सा और स्वास्थ्य तथा जिले के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने 20 किसानों को प्रमाण पत्र देकर योजना का शुभारंभ किया।
किसान डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले के पांच हजार पात्र किसानों को बुलाया गया था। इसमें से 20 को प्रभारी मंत्री शेष को सह सचिव की ओर से वितरित किया गया। जिले से करीब 87582 हजार किसानों के लिए 348 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान किसानों को रिझाने की कोशिश की तो पूर्व की सपा और बसपा सरकारों को आड़े हाथों लिया। कहा कि यदि पहले की सरकारें किसान समस्याओं पर ध्यान देतीं तो कर्ज माफी जैसी योजना की जरूरत ही नहीं पड़ती। सभी की सरकारों ने किसानों से छल किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जो संकल्प पत्र प्रदेश में चुनाव के समय बना था उस समिति में सदस्य था। सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में ऋण मोचन योजना का निर्णय लिया गया। प्रदेश में लगभग 36 हजार करोड़ खर्च अनुमानित है।
शास्त्री जी की बेटी का बेटा हूं
मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की बेटी का बेटा होने कारण किसानों के लिए समर्पित हूॅ। जब तक 70 प्रतिशत किसानों के चेहरे पर खुशहाली नहीं आएगी तब तक राज्य एवं देश खुशहाल नहीं होगा। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व इसे ध्यान में रखकर कर्जमाफी का फैसला किया गया। बिचैलियों, भ्रष्टाचार, शोषण आदि से मुक्त कराकर किसानों का जीवनस्तर सुधारना ही उद्देश्य है। बिजली, पानी, खाद-बीज उपलब्ध कराना के लिए दिन-रात सरकार मेहनत कर रही है।
तहसीलवार दिए जाएंगे ऋणमाफी प्रमाण पत्र
ऋणमाफी योजना में बस्ती सदर के 1842, भानपुर के 1600 तथा शेष हर्रैया एवं रुधौली तहसील के लाभार्थी हैं। बचे किसानों को तहसील स्तर कार्यक्रम आयोजित कर प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने फसल बीमा योजना लागू की। इसमें बस्ती मंडल के 1.27 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है।
88 हजार किसानों को लाभ होगा
सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य के समन्वय से विकास कार्य हो रहा है। इसी के परिणाम है कि जिले के 88 हजार किसानों का ऋण मोचन योजना में कर्ज माफ हुआ। सरकार गरीबों की खुशहाली के लिए संकल्पित है। 1.10 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन, 18 हजार लोगों का पीएम आवास के लिए चयन, विद्युतीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था इसका उदाहरण है।
दिग्गजों की रही उपस्थिति
सदर विधायक दयाराम चौधरी, कप्तानगंज विधायक चन्द्र प्रकाश शुक्ल, हरैया विधायक अजय सिंह, महादेवा विधायक रवि सोनकर तथा रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष पवन कसौधन, अखंड प्रताप सिंह, अभिनव उपाध्याय, कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, डीआईजी राकेश चन्द्र साहू, डीएम अरविन्द कुमार सिंह, एसपी संकल्प शर्मा, सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डेय, एडीएम भगवान शरण, एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती आदि।
ऋण माफी का पत्र पाकर गदगद हुए किसान
किसी ने योगी को आशीर्वाद दिया तो किसी ने मोदी की प्रशंसा की
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
फसल ऋण माफी का प्रमाण-पत्र पाकर किसान गदगद हो गए। किसी ने योगी को आशीर्वाद दिया तो किसी ने मोदी की प्रशंसा की।
किसान डिग्री कॉलेज के परिसर में सोमवार को प्रभारी जिला मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जिले से आए 20 किसानों को ऋण मोचन का प्रमाण-पत्र दिया। इस समारोह में आए अधिकतर किसानों ने सरकार के फैसले की सराहना की। सबसे अधिक खुशी बुजुर्ग और गरीब किसानों में देखने को मिली। सल्टौआ के मझौवा खुर्द से आए किसान राम नसीब ने कहा कि उसने पचास रुपये कर्ज लिया था, तंगी के कारण वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था, मगर जैसे ही योगी से कर्ज माफी की घोषणा की वह खुशी से फूला नहीं समाया। इसी ब्लॉक से आए किसान राम मिलन ने बताया कि उसका आठ हजार रुपये माफ हुआ। कर्ज माफी का पासबुक दिखाते हुए कहा कि आठ हजार चुकाना भी उसके लिए भारी हो रहा था। बताया कि फसल बर्बाद होने और ठीक से खेती न कर पाने के कारण उसकी कमर टूट गई थी, ऐसे कर्ज माफी की घोषणा से उसे बहुत सहारा मिला। रामनगर से आई महिला किसान चंद्रावती ने कहा कि उसका तीस हजार रुपये माफ हुआ। बताया कि योगी सरका ने एक तर कर्ज माफी करके किसानों पर एहसान किया ह्रै। मौका मिला तो चुनाव में वह इस एहसान का बदला अवश्य चुकाएगी। कलवारी से आई किसान महिला राधा कर्ज माफी को लेकर इतनी खुश थी कि कहने लगी कि कर्ज माफी के बाद सारा संकट दूर हो गया। इस महिला का सरकार ने 56 हजार रुपये माफ किया है। कहने लगी कि मंत्री के हाथों से कर्ज माफी का प्रमाण-पत्र पाकर वह धन्य हो गई।
लंच के लिए टूट पड़े किसान
बस्ती। कर्ज माफी के इस कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से पांच हजार किसानों सहित अन्य के भोजन और बोतल बंद पेयजल की व्यवस्था की गई थी। मगर कार्यक्रम समाप्त होते ही किसानों के बीच लंच पैकेट के लिए धक्का-मुक्की होने लगी। लंच पैकेट के लिए एक तरह से लोग टूट पड़े। कई किसानों ने यह कहा कि जिस तरह पंडाल में पेयजल देने की व्यवस्था बनाई गई थी, अगर लंच देने की व्यवस्था पंडाल में बनाई जाती तो ऐसी अफरा-तफरी नहीं मचती।
इन भाजपाईयों ने भी निभाई जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए कई भाजपाईयों को भी जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें प्रमुख रूप से एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह, जिला उपाध्यक्ष चतुर्गुन राजभर, भगवान बक्श सिंह, राजमंगल पाठक, शोभा मणि तिवारी और कृष्ण मणि उपाध्याय का विशेष योगदान रहा।
कोतवाली पुलिस सतर्क रही
बस्ती। प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के आगमन को लेकर कोतवाली पुलिस सतर्क रही। वहीं, केडीसी के पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष राजेश यादव और एपीएन पीजी कॉलेज के महामंत्री रहमान सिद्दिीकी को कम्पनी बाग चौराहे से गिरफ्तार करके कोतवाली में बैठाए रखा गया।