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Basti News: नए साल में बीत गए 20 दिन... चालू नहीं हुआ आईसीयू और माॅड्यूलर ओटी

Tue, 21 Jan 2025 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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मेडिकल कॉलेज : टेक्नीशियनों को तनख्वाह देने का मद नहीं, तीन माह से विचाराधीन है नियुक्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में 10 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू और मॉड्यूलर ओटी नए साल में भी संचालित नहीं हो सका। डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल की ओर से शासन को लिखी गई चिट्टी के बाद उम्मीद जगी थी कि जनवरी में मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड की व्यवस्था बहाल हो जाएगी। नए साल में 20 दिन बीत चुके हैं। मगर, इस वार्ड के संचालन की व्यवस्था नहीं बन सकी है।
मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड करने में वित्तीय पेच हर बार फंस रहा है। ओपेक चिकित्सालय कैली में ओपीडी के बाहर दो साल पहले ही बनकर तैयार हुए भवन में इमरजेंसी सेवा से अधिक कुछ नहीं हो पा रहा है। जबकि यहां अत्याधुनिक इलाज की सुविधा बहाल करने की योजना प्रस्तावित है। इस भवन में सौ बेड के वार्डों में ऑक्सीजन पाइपलाइन का कार्य पूरा कराया गया है।
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इसके अलावा मॉड्यूलर ओटी एवं आईसीयू वार्ड की साज-सज्जा का कार्य भी चार माह पहले ही हो चुका है। इस पूरे भवन को वातानुकूलित रखने के लिए केंद्रीयकृत एसी की सुविधा दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से नवंबर 2024 में ही इस भवन की मॉड्यूलर ओटी और आईसीयू वार्ड चालू करने की कोशिश शुरू की गई थी। इसके तहत कोविड काल में एनएचएम के जरिये सेवा दे चुके टेक्नीशियनों की नियुक्त प्रक्रिया पूरी कराई गई।
जब इनके तैनाती की बात आई तो कॉलेज के वित्त नियंत्रक ने इसके लिए कोई मद न होने का तर्क देकर तनख्वाह देने से इन्कार दिया। इससे टेक्नीशियनों की तैनाती नहीं हो सकी। तभी से यह मामला उलझा हुआ है। इधर, आईसीयू और ओटी संचालित नहीं होने से गंभीर मरीजों को गोरखपुर-लखनऊ रेफर किया जा रहा है।
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सांसद ने लिखा था डिप्टी सीएम को पत्र
डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने दो माह पहले डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को पत्र लिखकर बस्ती मेडिकल कॉलेज में आईसीयू व्यवस्था बहाल करने की सिफारिश की थी। इसी के बाद उप सचिव स्तर से मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को कार्रवाई के निर्देश मिले थे। इस पर प्रधानाचार्य ने पांच एक्स-रे टेक्नीशियन, चार वेंटिलेटर, एक ओटी और नौ लैब टेक्नीशियन के पद सृजित बताया। मगर, इनके समायोजन के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति मांगी गई। इस पर शासन स्तर से अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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कोट
10 बेड का आईसीयू बनकर तैयार है। वेंटिलेटर संचालित करने के लिए टेक्नीशियनों के मानदेय का मामला फंसा हुआ है। मॉड्यूलर ओटी में भी कुछ वित्तीय प्रकरण बाधा है। इन सभी मुद्दों पर शासन से वित्तीय एवं प्रशासनिक अनुमति मांगी गई है। इसके मिलते ही टेक्नीशियनों का समायोजन करके व्यवस्था चालू करा दी जाएगी।
-डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य
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