डीएम की मौजूदगी में 42 में सिर्फ सात मामलों का हो सका निस्तारण
हर्रैया में सीआरओ, भानपुर में एडीएम ने की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सदर तहसील सभागार में डीएम डॉ. राजशेखर की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 45 लोगों ने फरियाद की। सिर्फ सात मामलों का निस्तारण हुआ। हर्रैया में 53 में सात और भानपुर में कुल 42 प्रार्थनापत्रों में से केवल चार का निस्तारण हो पाया।
इसी प्रकार रुधौली तहसील सभागार में भी निस्तारण का औसत काफी नीचे रहा। हैरानी की बात यह है कि लेट-लतीफी के लिए बदनाम पुलिस से संबंधित प्रार्थनापत्र सबसे कम आए। जबकि राजस्व विभाग शिकायतों और अ-निस्तारित प्रकरणों के मामले में अव्वल है। बुधवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व के 26, पुलिस 04, विकास 05, नगरपालिका 03, बैंक 01, बिजली विभाग 01, आपूर्ति विभाग 01, बीडीए 03, गन्ना विकास 01 प्रार्थनापत्र शामिल किए गए।
उधर हर्रैया में आयोजित तहसील दिवस में आए कुल 53 में से महज सात निस्तारित हो सके। मुख्य राजस्व अधिकारी डॉ आरडी पांडेय और एसडीएम शिव प्रताप शुक्ला, सीओ राहुल पांडेय ने सुनवाई की। राजस्व के 15, पुलिस विभाग के 10, विकास विभाग के 07, शिक्षा विभाग 01, पूर्ति विभाग 02, गन्ना विभाग के 18 मामले आए। भीटी मिश्र गांव के शिव सहाय मिश्रा दिव्यांग ने लेखपाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। जिस पर एसडीएम ने तहसीलदार जांच का निर्देश दिया।
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चक्कर काट रहे फरियादी निराश लौटे
हर्रैया। न्याय की उम्मीद में चक्कर काट रहे निदूरी गांव के सुकई ने बताया कि रास्ते की समस्या के समाधान के लिए साल भर से संपूर्ण दिवस में आ रहे हैं। फरेंदा सेंगर गांव के उदय चंद्र ने गांव के खलिहान पर दबंगों के कब्जे की शिकायत की है। संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। रूपगढ़ गांव के राजकुमार लेखपाल पर चकमार्ग का सही पैमाइश न करने का आरोप लगाया। गांव के लोगों ने चकमार्ग को खेत बना लिया। शिक्षक नेता अखिलेश कुमार सिंह ने एनपीआरसी की शासनादेश के विपरीत तैनाती का कई बार मामला उठाया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। एसडीएम शिव प्रताप शुक्ला ने बताया कि मामलों का जल्द निस्तारण कराया जाएगा।