एडी हेल्थ के चलते भटक रहे कमिश्नर
बस्ती।
कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह को सीएचसी मरवटिया जाने के लिए भटकना पड़ा जबकि उनके साथ एडी हेल्थ और हेल्थ महकमे की पूरी टीम थी। इतना ही नहीं सीएचसी में कौन प्रभारी चिकित्साधिकारी तैनात है, इसकी भी जानकारी एडी हेल्थ को नहीं रही।
हुआ यूं कि सोमवार को कमिश्नर को एई, जेईएस की तैयारी को लेकर सीएचसी मरवटिया का निरीक्षण करना था। पहले तो कई फोन करने के बाद भी समय से एडी हेल्थ नहीं पहुंचे, पहुंचे तो सीएचसी जाने का रास्ता ही भूल गए। इसके चलते कमिश्नर को कुछ समय के लिए भटकना पड़ा। किसी तरह जब कमिश्नर सीएचसी पहुंचे तो एमओई के बारे में जानकारी की गई। कमिश्नर ने एडी हेल्थ से पूछा, इस पर एडी हेल्थ ने अस्पताल के अन्य कर्मियों से पूछा, तब जाकर एमओआई के नाम की जानकारी मिल सकी। हालांकि, कमिश्नर के निरीक्षण में दवाओं की उपलब्धता के साथ स्टाफ की उपस्थित ठीक मिली, मगर एक भी मरीज नहीं मिला। कमिश्नर ने बताया कि एई, जेईएस को लेकर सभी सीएचसी और पीएचसी सहित जिला अस्पताल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही चिकित्सकों और ऑक्सीजन गैस सहित अन्य जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही की स्थिति में कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
डाक्टर सहित तीन पर एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। प्रसूता की मौत के बाद रविवार को रात 12 बजे तक परिवार वालों के साथ कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया। इमरजेंसी के गेट पर जमावड़ा लगाकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने और उन्हें निलंबित करने की मांग की। मान-मनौव्वल की कोशिश बेकार साबित हुई तो दो डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
मुंडेरवा थानाक्षेत्र के बढ़या अहरा निवासी रवींद्र चौधरी की पत्नी का रविवार को महिला अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के चार घंटे बाद ज्यादा रक्तस्राव से प्रसूता की देर शाम मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। कुछ ही देर में वहां सदर विधायक दयाराम चौधरी के अलावा सपा नेता महेंद्र नाथ यादव, कांग्रेस के अंकुर वर्मा, विपिन राय आदि जा पहुंचे। तादाद बढ़ते देखकर एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती, सीओ सिटी पवन गौतम, कोतवाल बृजेन्द्र सिंह आदि भी जा पहुंचे। इसी बीच कई मरीजों को पहुंचते ही वापस होना पड़ा। देर रात डॉक्टर अलका शुक्ला, डॉक्टर सीमा चौधरी और सुषमा पांडेय रूम इंचार्ज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।