विक्रमजोत/दुबौलिया (बस्ती)। घाघरा नदी में फिर उफान शुरू हो गया है। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.730 को पार कर 92.740 पर पहुंच गया तो रविवार सुबह 92.940 मिमी तक बढ़ा। यहां खतरे का निशान 106.07 के सापेक्ष 106.75 मीटर पर नदी बह रही है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या के मुताबिक नदी लाल निशान से 21 सेमी ऊपर बह रही है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक बाढ़ का पानी विक्रमजोत-लोलपुर बांध के तटबंधों पर जबरदस्त दबाव बना लिया है। भदोई और मुंडेरीपुर में चार करोड़ की लागत से बन रहे दो अर्धनिर्मित स्परों के नोज धारा में कट गए हैं। नोज कटने और लगातार बढ़त से बाढ़ प्रखंड के अफसरों में हड़कंप की स्थिति है, जिसे देखते हुए तत्काल अतिरिक्त मजदूरों को नोज की मरम्मत कार्य में लगा दिया गया। बांध विहीन कल्याणपुर गांव को बचाने के लिए भरथापुर में राजेश सिंह के खेत में बनाए गए एक कटर का भी नोज बह गया है। बांध विहीन गांवों के लोग रतजगा कर रहे हैं, क्योंकि सर्वाधिक खतरा इन्हीं तीन गांवों पर है। तटबंट से सटे करीब आधा दर्जन गांव केशवपुर, रानीपुर, कठवनिया, भदोई, पड़ाव, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, चांदपुर के किसानों की करीब 200 एकड़ खेती योग्य भूमि और फसलों में पानी घुस गया है।
बांध के पूर्वी छोर पर कल्याणपुर, भरथापुर, पड़ाव व सहजौरा पाठक में नदी कटान कर तबाही मचा रही है। शनिवार को ही करीब एक एकड़ भूमि नदी में समा चुकी है। मैरुंड गांव सहजौरापाठक और बांध विहीन इन आधा दर्जन गांवों में प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं पहुंचे हैं। एसडीएम दिनेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि नदी के खतरे के निशान पार करने कि सूचना मिली है। नायब तहसीलदार और चार लेखपालों को गांव में कैंप करने को कहा गया है। अवर अभियंता दयाशंकर सिंह व मकलूराम लगातार गौरियानयन बाढ़ चौकी पर कैंप कर रहे हैं।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार वीडी बांध से सटे गांवों में दहशत का माहौल है। तटबंध की सुरक्षा और नदी की धारा को मोड़ने के लिए बनाए गए पांच स्पर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। चांदपुर-कटरिया के बीच कटान हो रही है। यहां के ठोकर भी बैठने के कगार पर पहुंच चुके हैं।