सात सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को सफाई कर्मचारियों ने विकास भवन में धरना-प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि अफसरों की उदासीनता से तमाम सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों की मांगों को अनदेखी की जा रही हैं। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष अजय आर्य के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों की संख्या में जुटे उप्र. पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के सदस्यों ने कहा कि सफाई कर्मियों को मिलने वाली तमाम सुविधाएं नहीं मिलने से कार्य प्रभावित हो रहा है। उपकरण के अलावा हर तीन माह पर स्वास्थ्य परीक्षण, सेवा पुस्तिका पूर्ण कराने, कैशलेस व्यवस्था, प्रान कटौती का पासबुक, चरित्र प्रविष्टयां पूर्ण कराने जैसी मुख्य मांगें कर्मचारियों की रही हैं। बार बार ज्ञापन देने के बाद भी अफसर अनदेखी कर रहे हैं अब आंदोलन ही एक मात्र रास्ता बचा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष मस्तराम वर्मा एवं महामंत्री तौलू प्रसाद ने कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं के जिम्मदार खुद डीपीआरओ हैं। उदासीनता के चलते धरना प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अधार पाल ने कहा किया कर्मचारी परिषद पूरी तरह सफाई कर्मियों के साथ है।
सीडीओ हर्षिता माथुर के पहल पर डीडीओ, डीपीआरओ धरनास्थल पर पहुंचे और दो महीने में समस्याओं के निदान का भरोसा दिलाया जिसके बाद धरना खत्म कर दिया गया। धरने में घनश्याम शुक्ल, मंशाराम चौधरी, अनिल श्रीवास्तव, विमल यादव, मो. कलीम, जंग बहादुर, पेशकार, संजय यादव, रूदल प्रसाद, बसंत, महेंद्र आदि लोग रहे।
पांच मांगों पर आदेश जारी
सीडीओ हर्षिता माथुर के निर्देश पर जिला पंचायत अधिकारी शिवशंकर सिंह ने पांच बिंदुओं पर कार्यालय आदेश जारी किया है। उ.प्र. ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष अतुल कुमार पांडेय ने विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। बताया कि सुनिश्चित अवधि में वेतन भुगतान, सफाई उपकरण, सर्विस बुक, स्थानांतरण आदि समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से न किया गया तो संघ पुन: सीडीओ से न्याय दिलाने की मांग करेगा। संघ के संरक्षक महेंद्र चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयराम यादव, संगठन मंत्री विश्वम्भरनाथ शर्मा, मंत्री सोमईराम आजाद, असलम अंसारी, प्रदीप कुमार गौतम, अजय चौधरी, आनन्द राव, राम सहाय यादव, महेंद्र प्रताप राव, राघव प्रसाद आदि शामिल रहे।